जबलपुर |शनिवार, 02 मई 2026 जबलपुर के बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद अब मृतकों के पार्थिव शरीरों को उनके गृह नगर पहुँचाने का सिलसिला शुरू हो गया है। प्रशासन की विशेष व्यवस्था के तहत शनिवार को 5 शवों को एयरलिफ्ट कर दिल्ली और कोयंबटूर भेजा गया। जहाँ एक ओर रेस्क्यू ऑपरेशन अंतिम दौर में है, वहीं दूसरी ओर एयरपोर्ट पर परिजनों की चीख-पुकार ने सबका दिल दहला दिया।

आज की बड़ी अपडेट्स
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एयरलिफ्ट की सेवा: शनिवार सुबह 8 बजे दिल्ली के 3 मृतकों के शवों को जबलपुर एयरपोर्ट से रवाना किया गया।
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दक्षिण भारत भेजी गईं लाशें: दोपहर बाद 2 अन्य शवों को कोयंबटूर (तमिलनाडु) के लिए एयरलिफ्ट किया गया।
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ताज़ा आंकड़ा: हादसे में अब तक 11 मौतें हो चुकी हैं, जबकि 2 लोग अब भी लापता हैं।
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प्रशासन की मुस्तैदी: पार्थिव शरीरों के साथ परिजनों को भी भेजा गया है ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया सुचारू रूप से हो सके।
देशभर से आए थे पर्यटक, मातम में बदली खुशियाँ
यह हादसा तब और अधिक हृदयविदारक हो जाता है जब पता चलता है कि इसमें स्थानीय लोगों के साथ-साथ दिल्ली और तमिलनाडु जैसे दूरदराज के क्षेत्रों से आए पर्यटक भी शामिल थे। जबलपुर पुलिस-प्रशासन ने सभी औपचारिकताएं तेजी से पूरी कीं ताकि पार्थिव शरीरों को सम्मानपूर्वक उनके घर पहुँचाया जा सके।
जांच और रेस्क्यू: प्राथमिकता अभी ‘तलाश’
बरगी सीएसपी अंजुल अयंक मिश्रा के अनुसार, पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है, लेकिन विस्तृत जांच सभी लापता लोगों के मिल जाने के बाद ही शुरू होगी। वर्तमान में प्रशासन की पहली प्राथमिकता उन 2 लोगों को ढूंढना है जो अभी भी जलाशय की गहराई में लापता हैं।
5 किलोमीटर तक बढ़ा सर्च एरिया
जलाशय की गहराई और पानी के बहाव को देखते हुए सर्च ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है। सेना के गोताखोरों और आपदा राहत टीमों (NDRF/SDRF) ने अब सर्च एरिया को 5 किलोमीटर डाउनस्ट्रीम तक बढ़ा दिया है। 43 सवारों में से 28 लोग अब भी सुरक्षित हैं, जिनसे पुलिस घटना के आखिरी पलों के बारे में पूछताछ कर रही है।








