सतना/चित्रकूट:कड़ाके की ठंड और न्यूनतम तापमान के बीच गुरुवार रात करीब 11 बजे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री चित्रकूट पहुँचे। उन्होंने सबसे पहले भगवान कामतानाथ के दर्शन किए और फिर बिना किसी पूर्व निर्धारित सूचना के कामदगिरि की पंचकोसी पदयात्रा शुरू कर दी।
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ठंड से बचने के लिए ‘लॉन्ग जैकेट’ वाला स्वैग
परिक्रमा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री का एक अलग ही अंदाज नजर आया। हड्डी कंपा देने वाली ठंड से बचने के लिए उन्होंने भगवा रंग के बजाय एक स्टाइलिश ‘लॉन्ग ओवरकोट’ (लॉन्ग जैकेट) पहना हुआ था। उनका यह ‘मॉडर्न प्लस स्पिरिचुअल’ लुक सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
आधी रात को उमड़ा जनसैलाब
भले ही रात के 11 बज रहे थे, लेकिन जैसे ही स्थानीय लोगों को खबर लगी कि बाबा बागेश्वर परिक्रमा कर रहे हैं, घरों के दरवाजे खुल गए:
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पुष्प वर्षा: श्रद्धालु अपने घरों के बाहर फूल लेकर खड़े हो गए और ‘सरकार’ पर फूलों की बारिश की।
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बच्चों का उपहार: परिक्रमा मार्ग में कुछ बच्चों ने उन्हें अपने हाथों से बनाया हुआ स्केच भेंट किया, जिसे देखकर धीरेंद्र शास्त्री काफी प्रभावित हुए और बच्चों को दुलार किया।
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जयकारे: पूरा परिक्रमा मार्ग ‘जय श्री राम’ और ‘बागेश्वर धाम की जय’ के नारों से गूंज उठा।
गुरुधाम के प्रति अटूट आस्था
चित्रकूट पंडित धीरेंद्र शास्त्री का ‘गुरुधाम’ है। उनके गुरु जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी यहीं निवास करते हैं। हाल ही में जयपुर में गुरुदेव के जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने के बाद, वे सीधे हवाई मार्ग से चित्रकूट पहुँचे थे। उन्होंने रात्रि विश्राम चित्रकूट में ही किया।
अगला पड़ाव: बांदा में हनुमंत कथा
रात्रि की परिक्रमा पूरी करने के बाद, शुक्रवार सुबह धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के लिए रवाना हो गए। वहां वे आयोजित होने वाली भव्य ‘हनुमंत कथा’ में शामिल होंगे और भक्तों को आशीर्वचन देंगे।
प्रमुख बिंदु: एक नज़र में
| विषय | विवरण |
| स्थान | कामदगिरि पर्वत, चित्रकूट (सतना) |
| समय | गुरुवार रात 11 बजे |
| पहनावा | ‘ओवरकोट’ (लॉन्ग जैकेट) स्टाइल |
| उद्देश्य | कामतानाथ दर्शन और पंचकोसी परिक्रमा |
| अगला गंतव्य | बांदा (उत्तर प्रदेश) हनुमंत कथा के लिए |








