प्रयागराज/छतरपुर | देशभर में चल रहे ‘लेंसकार्ट विवाद’ में अब बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की एंट्री हो गई है। प्रयागराज में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बाबा ने कंपनी की कथित ड्रेस-कोड नीति पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जिन्हें सनातन प्रतीकों (तिलक, राम, हनुमान) से दिक्कत है, उनके लिए भारत में कोई जगह नहीं है।

मुख्य बिंदु
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सीधी चेतावनी: “अगर तिलक और सिंदूर पर पाबंदी है, तो भारत में क्यों मर रहे हो? पतली गली से लाहौर खिसक लो।”
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सख्त तेवर: बाबा बागेश्वर ने कहा— “भारत किसी के कका (चाचा) का नहीं, हमारे बाप का है।”
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यूपी पुलिस का जिक्र: अपने संबोधन में उन्होंने यूपी पुलिस का उदाहरण देते हुए कहा कि यहाँ ‘गाड़ियां पलट जाती हैं’, इसलिए कंपनी समय रहते सुधर जाए।
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हिंदू संगठनों का विरोध: मध्य प्रदेश के भोपाल और उज्जैन सहित कई शहरों में बजरंग दल के कार्यकर्ता लेंसकार्ट शोरूम पर जाकर कर्मचारियों को तिलक लगा रहे हैं।
“ठठरी के बरे, सुधर जाओ वरना…”
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपने बुंदेली अंदाज में कहा कि लेंसकार्ट ने अपने वर्करों को धार्मिक पहचान छुपाने के निर्देश दिए हैं, जो असहनीय है।
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धार्मिक स्वतंत्रता पर प्रहार: बाबा ने कहा कि सिंदूर और मंगलसूत्र हमारी संस्कृति का आधार हैं, इन पर पाबंदी लगाने वाली कंपनियों को भारत में व्यापार करने का हक नहीं है।
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कानून का डर: उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा— “अभी भी मौका है सुधर जाओ, वरना भारत का कानून सुधारना भी जानता है।”
एमपी में भी गरमाया मामला
लेंसकार्ट के खिलाफ मध्य प्रदेश में भी जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है।
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बजरंग दल का एक्शन: हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कई शोरूम के गेट पर भगवान की तस्वीरें चिपका दी हैं और वहां काम करने वाले हिंदू कर्मचारियों का तिलक लगाकर स्वागत किया।
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बहिष्कार की मांग: सोशल मीडिया पर ‘Boycott Lenskart’ ट्रेंड कर रहा है और लोग अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
विवाद की जड़
यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर कुछ दावे किए गए कि Lenskart ने अपनी नई गाइडलाइंस में कर्मचारियों को तिलक लगाने, सिंदूर भरने या कोई भी दृश्य धार्मिक प्रतीक पहनने से मना किया है। हालाँकि, कंपनी की ओर से अभी इस पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।
खबर का सारांश
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प्रमुख व्यक्तित्व: पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर धाम)।
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विवाद: लेंसकार्ट का कथित ड्रेस-कोड (तिलक/सिंदूर बैन)।
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स्थान: प्रयागराज (जहाँ बयान दिया गया)।
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विरोध: एमपी के भोपाल, उज्जैन और छतरपुर में प्रदर्शन जारी।








