रीवा (मध्य प्रदेश): रीवा लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जमीन के नामांतरण और नक्शा संशोधन के नाम पर रिश्वत ले रहे एक पटवारी और उसके सहायक सर्वेयर को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी ₹4800 की रिश्वत लेते पकड़े गए।
₹6000 की रिश्वत की थी मांग
जानकारी के अनुसार, बड़ोखर गांव निवासी राजेंद्र साहू ने लोकायुक्त पुलिस रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत थी कि उनकी पत्नी श्यामवती साहू के नाम खरीदी गई जमीन का नामांतरण (Mutation) और नक्शा संशोधन करने के लिए क्षेत्र के पटवारी हंसराज पटेल और उनके सहायक सर्वेयर आशुतोष त्रिपाठी उनसे ₹6000 की रिश्वत मांग रहे थे।
शिकायतकर्ता राजेंद्र साहू पहले ही ₹1200 रुपये दे चुके थे, लेकिन शेष ₹4800 दिए बिना काम आगे नहीं बढ़ाया जा रहा था।
शिकायत की जांच और ट्रैप ऑपरेशन
लोकायुक्त रीवा ने शिकायत को गंभीरता से लिया और प्राथमिक जांच कराई, जो सही पाई गई। इसके बाद, उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार और निरीक्षक एस. राम मरावी के नेतृत्व में एक 12 सदस्यीय टीम ने ट्रैप ऑपरेशन की तैयारी की।
शुक्रवार को जैसे ही शिकायतकर्ता राजेंद्र साहू ने तय स्थान पर पटवारी हंसराज पटेल और सर्वेयर आशुतोष त्रिपाठी को ₹4800 रुपये दिए, लोकायुक्त टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। बरामद नोटों पर रासायनिक पाउडर लगा हुआ था, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई।
आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज
लोकायुक्त टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रिश्वत की राशि जब्त कर ली है। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई के लिए लोकायुक्त कार्यालय लाया गया है। इस कार्रवाई ने शासकीय कार्यालयों में भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों के बीच हड़कंप मचा दिया है I








