होम देश/विदेश मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ उत्तरप्रदेश जॉब/वेकैंसी एंटरटेनमेंट खेल लाइफस्टाइल टेक/गैजेट फैशन धर्म

सतना में आशा कार्यकर्ताओं का ‘हल्लाबोल’: 5 महीने से खाली हाथ, फिर भी काम का दबाव; ‘सॉफ्टवेयर’ के बहाने भुगतान रोकने का आरोप

सतना (मध्य प्रदेश):मंगलवार को सतना जिले की सैकड़ों आशा कार्यकर्ता और आशा सुपरवाइजरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया। ...

विज्ञापन

Published on:

| सतना टाइम्स

सतना (मध्य प्रदेश):मंगलवार को सतना जिले की सैकड़ों आशा कार्यकर्ता और आशा सुपरवाइजरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया। अगस्त 2025 से वेतन न मिलने से नाराज कार्यकर्ताओं ने पहले CMHO कार्यालय का घेराव किया और फिर रैली निकालकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया।

Satna ASHA workers protest

प्रमुख मुद्दे: क्यों आंदोलित हैं आशा कार्यकर्ता?

1. वेतन का अभाव (अगस्त 2025 से लंबित):

कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें पिछले 5 महीनों से एक रुपया भी नहीं मिला है। जब भी वे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क करती हैं, तो उन्हें ‘सॉफ्टवेयर अपडेट’ होने का तकनीकी बहाना थमा दिया जाता है।

  • सवाल: कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से पूछा कि अगर पड़ोसी जिलों में नवंबर तक का भुगतान हो चुका है, तो क्या तकनीकी समस्या सिर्फ सतना जिले के सॉफ्टवेयर में ही है?

2. आयुष्मान कार्ड का ‘मानसिक दबाव’:

वेतन न मिलने के बावजूद अधिकारियों द्वारा आयुष्मान कार्ड बनाने का भारी दबाव डाला जा रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है:

  • संसाधनों की कमी: विभाग ने न तो उन्हें एंड्रॉइड मोबाइल दिए हैं और न ही इंटरनेट डेटा के लिए पैसे।

  • ट्रेनिंग का अभाव: कई कार्यकर्ता डिजिटल रूप से साक्षर नहीं हैं, फिर भी उन्हें बिना ट्रेनिंग के डिजिटल काम करने को मजबूर किया जा रहा है।

3. लीपापोती का आरोप:

संघ की नेता अहिल्या त्रिपाठी के अनुसार, 24 दिसंबर को दिए गए ज्ञापन के बाद प्रशासन ने कुछ कार्यकर्ताओं को महज 6-6 हजार रुपये देकर चुप कराने की कोशिश की, जबकि सुपरवाइजरों को कुछ भी नहीं मिला।

प्रशासन का आश्वासन और ‘अल्टीमेटम’

आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं ने एसडीएम राहुल सिलाड़िया को ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं ने दो टूक चेतावनी दी है:

“यदि दिसंबर 2025 तक का पूरा बकाया भुगतान तत्काल नहीं किया गया, तो जिले की समस्त आशा कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली जाएंगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो जाएंगी।”

एसडीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द निराकरण का भरोसा दिलाया है।

आशा कार्यकर्ताओं की मुख्य मांगें:

क्रमांक मांग
01 अगस्त 2025 से दिसंबर 2025 तक का पूर्ण बकाया भुगतान।
02 हर महीने की एक निश्चित तारीख को वेतन की व्यवस्था।
03 आयुष्मान कार्ड कार्य के लिए आवश्यक ट्रेनिंग और मोबाइल उपलब्ध कराना।
04 तकनीकी सॉफ्टवेयर समस्याओं का तत्काल स्थायी समाधान।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें