भोपाल (मध्य प्रदेश):मिसरोद थाना क्षेत्र स्थित चिनार ड्रीम सिटी में रहने वाले 77 वर्षीय गिरी गोस्वामी की लिफ्ट के डक्ट (गड्ढे) में गिरने से मौत हो गई। सबसे अधिक विचलित करने वाली बात यह है कि 10 दिनों तक उनका शव वहीं पड़ा रहा, जबकि सोसाइटी के लोग उसी लिफ्ट का इस्तेमाल करते रहे।

घटनाक्रम: गुमशुदगी से बरामदगी तक
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गायब होना: गिरी गोस्वामी 10 दिन पहले किसी काम से घर से बाहर जाने का कहकर निकले थे। जब वे वापस नहीं लौटे, तो परिजनों ने मिसरोद थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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तलाश: पुलिस और परिजन उन्हें आसपास तलाशते रहे, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला।
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बदबू से खुलासा: 10 दिन बाद जब लिफ्ट एरिया से असहनीय बदबू आने लगी, तो निवासियों ने इसकी शिकायत की। जब लिफ्ट को रोककर नीचे के गड्ढे (डक्ट) की जांच की गई, तो वहां बुजुर्ग का सड़ा-गला शव बरामद हुआ।
कैसे हुआ हादसा?
आशंका जताई जा रही है कि बुजुर्ग ने लिफ्ट बुलाने के लिए बटन दबाया होगा। लिफ्ट की तकनीकी खराबी के कारण गेट तो खुल गया, लेकिन लिफ्ट का केबिन (बॉक्स) उस फ्लोर पर नहीं पहुँचा था। अंधेरे या जल्दबाजी में बुजुर्ग ने कदम बढ़ाया और सीधे कई फीट नीचे डक्ट में जा गिरे। सिर में चोट और समय पर इलाज न मिलने के कारण उनकी वहीं मौत हो गई।
प्रबंधन की बड़ी लापरवाही
इस घटना ने सोसाइटी प्रबंधन और मेंटेनेंस टीम को कटघरे में खड़ा कर दिया है:
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शिकायतों की अनदेखी: रहवासियों का आरोप है कि चिनार ड्रीम सिटी की लिफ्टें अक्सर खराब रहती हैं। कई बार लिखित शिकायत के बावजूद मरम्मत नहीं कराई गई।
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सफाई और जांच का अभाव: 10 दिनों तक लिफ्ट का संचालन होता रहा, लेकिन मेंटेनेंस टीम ने एक बार भी डक्ट की जांच नहीं की।
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तकनीकी खामी: लिफ्ट का गेट तब तक नहीं खुलना चाहिए जब तक केबिन फ्लोर पर न हो। इस सुरक्षा फीचर (Interlock System) का फेल होना सीधे तौर पर लापरवाही है।
पुलिस की कार्रवाई
मिसरोद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और लिफ्ट के मेंटेनेंस रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।
मामला: एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
| मृतक | गिरी गोस्वामी (77 वर्ष) |
| स्थान | चिनार ड्रीम सिटी, मिसरोद (भोपाल) |
| शव बरामदगी | 10 दिन बाद (20 जनवरी 2026 के आसपास) |
| मुख्य कारण | लिफ्ट की तकनीकी खराबी और डक्ट में गिरना |
| आरोप | सोसाइटी प्रबंधन की घोर लापरवाही |








