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ALARMING:भोपाल की हवा हुई ‘जहरीली’! होलिका दहन के बाद AQI पहुंचा 300 के करीब, 72 घंटे में 3 गुना बढ़ा प्रदूषण

भोपाल। राजधानी भोपाल की आबोहवा पिछले तीन दिनों में तेजी से बिगड़ी है। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, ...

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| सतना टाइम्स

भोपाल। राजधानी भोपाल की आबोहवा पिछले तीन दिनों में तेजी से बिगड़ी है। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 1 मार्च को जहाँ महज 85 था, वहीं 3 मार्च को यह उछलकर 291 के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। होलिका दहन के धुएं और शहर की उड़ती धूल ने मिलकर भोपाल को ‘खराब’ श्रेणी (Poor Category) में धकेल दिया है।

पर्यावरण परिसर जैसे पॉश इलाके में भी खतरा

हैरानी की बात यह है कि शहर के सबसे हरे-भरे और पॉश माने जाने वाले पर्यावरण परिसर इलाके में ही मंगलवार को 24 घंटे का औसत AQI 291 दर्ज किया गया। मार्च की शुरुआत में यह स्थिति काफी बेहतर थी, लेकिन त्योहार के बाद प्रदूषण के स्तर में अचानक आई इस तेजी ने विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है।

प्रदूषण बढ़ने के 3 मुख्य कारण

विशेषज्ञों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने इस गिरावट के पीछे तीन बड़े कारण बताए हैं:

  • होलिका दहन का धुआं: सोमवार रात हुए होलिका दहन से निकले भारी धुएं और राख ने हवा में कार्बन की मात्रा बढ़ा दी। हालांकि गो-काष्ठ के उपयोग की अपील की गई थी, लेकिन बड़े पैमाने पर हुए दहन का असर साफ दिखा।

  • खराब सड़कें और धूल: शहर की उखड़ी हुई सड़कों से जब वाहन गुजरते हैं, तो भारी मात्रा में धूल उड़ती है, जो हवा में ही तैरती रह जाती है।

  • कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स: भोपाल में चल रहे मेट्रो और अन्य निर्माण कार्यों की वजह से धूल के कण (Dust Particles) हवा से नीचे नहीं बैठ पा रहे हैं।

सेहत का दुश्मन: PM 2.5 का बढ़ता स्तर

हवा में मौजूद PM 2.5 के कण सबसे घातक साबित हो रहे हैं। ये इतने सूक्ष्म होते हैं कि सांस के जरिए सीधे फेफड़ों में पहुंचकर रक्त प्रवाह में मिल जाते हैं। इससे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। वर्तमान स्थिति में बुजुर्गों और बच्चों को घर के अंदर रहने की सलाह दी जा रही है।

अब केवल ‘बारिश’ ही सहारा?

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक शहर में तेज बारिश नहीं होती, तब तक प्रदूषण का यह स्तर कम होना मुश्किल है। बारिश की बूंदें ही हवा में तैर रहे इन प्रदूषकों को भारी बनाकर जमीन पर बैठा सकती हैं। फिलहाल, शहरवासियों को मास्क पहनने और बाहर कम निकलने की हिदायत दी जा रही है।

AQI का गणित (Snapshot)

तारीख AQI स्तर श्रेणी
1 मार्च 2026 85 संतोषजनक (Satisfactory)
3 मार्च 2026 291 खराब (Poor)

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें