IRCTC के शेयरों का प्रदर्शन हाल के महीनों में कमजोर रहा है। बीते 3 या 10 महीनों में इसका रिटर्न निफ्टी इंडेक्स से कम रहा है। हालांकि रेलवे टिकटिंग, कैटरिंग और पैकेज्ड वाटर बिजनेस में कंपनी की मजबूत पकड़ बनी हुई है। कम कीमत पर टूरिज्म पैकेज ऑफर करने के बावजूद इसके कई बिजनेस अब परिपक्व हो चुके हैं, जहां ऑर्गेनिक ग्रोथ की गुंजाइश सीमित है।

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जून तिमाही (FY26 Q1) का प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ केवल 4% रही। टूरिज्म सेगमेंट का प्रदर्शन अच्छा रहा, लेकिन कैटरिंग बिजनेस पर दबाव देखने को मिला। इसकी मुख्य वजह चुनावी साल में स्पेशल ट्रेनों की अनुपस्थिति और अमृत भारत स्टेशनों के अपग्रेडेशन के चलते स्टैटिक यूनिट्स से लाइसेंस फीस की कमी रही। इसके अलावा, बिलासपुर प्लांट बंद रहने और वंदे भारत ट्रेनों में 1 लीटर की बजाय 500 एमएल बोतल सप्लाई का असर रेल नीर बिजनेस पर पड़ा।

विकास की संभावनाएं

इंटरनेट टिकटिंग सेगमेंट का आउटलुक अभी भी पॉजिटिव है, हालांकि 87% से अधिक हिस्सेदारी के चलते इसमें सीमित बढ़त की संभावना है। वहीं, वंदे भारत ट्रेनों की बढ़ती संख्या और नई स्लीपर वर्जन की लॉन्चिंग से कंपनी को बड़ा फायदा मिल सकता है। दानापुर, अंबरनाथ, प्रयागराज, भागलपुर और मैसूर में नए रेल नीर प्लांट्स से कंपनी की पैकेज्ड वाटर बिजनेस को मजबूती मिलेगी।

लंबी अवधि का नजरिया

आईआरसीटीसी को उम्मीद है कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर शुरू होने से पैसेंजर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का रास्ता खुलेगा। इकोनॉमिक स्लोडाउन या ग्लोबल अनिश्चितताओं का असर इसके बिजनेस पर कम पड़ता है, इसलिए FY25-27 के दौरान 12% से ज्यादा CAGR ग्रोथ का अनुमान है।

सरकारी फैसलों का लाभ

टैक्स रेट में कटौती और जीएसटी में राहत जैसे कदमों से घरेलू खपत में वृद्धि होगी, जिसका फायदा आईआरसीटीसी जैसे ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर की कंपनियों को मिल सकता है। हालांकि, बीते एक साल में कंपनी का शेयर 23% से अधिक गिर चुका है।