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मझगवां की मरवा-गोरसरी पंचायत में ‘गायत्री’ राज: महिला सरपंच गायत्री त्रिपाठी ने 4 साल में बदली गांव की सूरत; स्कूल-अस्पताल से लेकर धार्मिक स्थलों का कायाकल्प

सतना/मझगवां | विंध्य अंचल की पंचायतों में महिला नेतृत्व किस तरह बदलाव की नई इबारत लिख सकता है, इसकी जीती-जागती मिसाल सतना जिले ...

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| सतना टाइम्स

सतना/मझगवां | विंध्य अंचल की पंचायतों में महिला नेतृत्व किस तरह बदलाव की नई इबारत लिख सकता है, इसकी जीती-जागती मिसाल सतना जिले की जनपद पंचायत मझगवां के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत मरवा-गोरसरी में देखने को मिल रही है। यहाँ की जुझारू महिला सरपंच गायत्री त्रिपाठी ने अपने प्रथम पंचवर्षीय कार्यकाल के बीते चार वर्षों में विकास कार्यों की झड़ी लगा दी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, पक्की सड़कें और धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने मरवा-गोरसरी पंचायत को क्षेत्र की सबसे विकसित और आदर्श पंचायतों की कतार में खड़ा कर दिया है।

खास बातें:

  • धरातल पर उतरीं योजनाएं: मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं को हर पात्र ग्रामीण तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाया गया।

  • शिक्षा और स्वास्थ्य पर फोकस: पंचायत में नए विद्यालय भवन का निर्माण कराने के साथ ही ग्रामीणों के इलाज के लिए अस्पताल भवन की बड़ी सौगात दी गई।

  • पेयजल संकट से परमानेंट मुक्ति: जल संकट को दूर करने के लिए नए बोर, पानी की टंकियां और गांव के विभिन्न मजरों-टोलों में हैंडपंप स्थापित किए गए।

  • बदली बुनियादी तस्वीर: आधुनिक आंगनबाड़ी भवन, सामुदायिक भवन, पक्की सड़कें, नालियां और पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया गया।

वादे निभाए: बच्चों को मिली आधुनिक आंगनबाड़ी और स्कूल भवन

ग्रामीणों से बातचीत के आधार पर मिली ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, सरपंच गायत्री त्रिपाठी ने कमान संभालते ही सबसे पहले गांव की बुनियादी और सामाजिक व्यवस्था को मजबूत करने का बीड़ा उठाया। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए पंचायत में सर्वसुविधायुक्त विद्यालय भवन का निर्माण कराया गया। इसके साथ ही नन्हे-मुन्ने बच्चों के पोषण और प्राथमिक शिक्षा के लिए एक आधुनिक आंगनबाड़ी भवन भी तैयार कराया गया है, जो आज क्षेत्र में चर्चा का विषय है।

अस्पताल और सामुदायिक भवन की मिली बड़ी सौगात

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अब तक परेशान होने वाले मरवा-गोरसरी के ग्रामीणों को अब गांव में ही इलाज की सुविधा मिलेगी, क्योंकि सरपंच के प्रयासों से यहाँ भव्य अस्पताल भवन का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इसके अलावा, ग्रामीणों को शादी-ब्याह, सामाजिक बैठकों और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए एक सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन की सौगात भी पंचायत को दी गई है।

धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार और पर्यावरण को दी मजबूती

सरपंच गायत्री त्रिपाठी ने विकास के साथ-साथ आस्था और पर्यावरण का भी पूरा ख्याल रखा है। पंचायत क्षेत्र के प्राचीन और उपेक्षित पड़े धार्मिक स्थलों का वैज्ञानिक व पारंपरिक तरीके से पुनर्निर्माण करवाकर उन्हें एक सुंदर और नया स्वरूप दिया गया है। इसके साथ ही, गांव की आबो-हवा को शुद्ध रखने और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से पूरी पंचायत में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाया गया है।

ग्रामीण बोले “बीते 4 साल बेमिसाल, विकास की रफ्तार हुई तेज”

मरवा-गोरसरी के स्थानीय निवासियों का कहना है कि बीते चार वर्षों में पंचायत के भीतर विकास कार्यों की रफ्तार में जो तेजी आई है, वैसी पहले कभी नहीं देखी गई। गांव की गलियां अब पक्की सड़कों और नालियों से सुसज्जित हैं। ग्रामीणों ने कहा:

“हमारी महिला सरपंच ने चुनाव के समय जो वादे किए थे, उन्हें राजनीति से ऊपर उठकर धरातल पर सच कर दिखाया है। अब हमारा गांव मझगवां जनपद ही नहीं, बल्कि पूरे सतना जिले की विकसित पंचायतों में गिना जाता है। हमें पूरी उम्मीद है कि आने वाले समय में भी विकास का यह पहिया इसी रफ्तार से आगे बढ़ेगा।”

स्थानीय ग्रामीण, मरवा-गोरसरी

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें