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बायपास की आड़ में ‘मुरम घोटाला’: भोपाल की कंपनी ने खरगोन में खोद डाली 25.67 करोड़ की अवैध मुरम; कलेक्टर भव्या मित्तल का बड़ा एक्शन, कंपनी को थमाया भारी-भरकम नोटिस

खरगोन। सरकारी प्रोजेक्ट्स में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका ताजा उदाहरण खरगोन में देखने को मिला है। शहर में बायपास ...

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| सतना टाइम्स

खरगोन। सरकारी प्रोजेक्ट्स में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका ताजा उदाहरण खरगोन में देखने को मिला है। शहर में बायपास निर्माण का ठेका लेने वाली भोपाल की कंपनी एके शिवहरे इंफ्रास्ट्रक्चर पर अवैध उत्खनन के मामले में 25 करोड़ 66 लाख 77 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कंपनी ने बिना किसी अनुमति के सरकारी जमीन से भारी मात्रा में मुरम निकालकर उसे सड़क निर्माण में खपा दिया। कलेक्टर के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई ने जिले के अवैध खनन माफियाओं और लापरवाह ठेकेदारों में हड़कंप मचा दिया है।

न्यूज़ हेडलाइंस 

  • बड़ा ब्लंडर: बिना अनुमति सरकारी भूमि से निकाली गई लाखों क्यूबिक मीटर मुरम।

  • तगड़ा जुर्माना: रॉयल्टी का 15 गुना दंड और उतनी ही राशि पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में वसूली जाएगी।

  • जांच रिपोर्ट: गोगावां तहसील के ग्राम मेहरजा और डाबरिया में पाया गया अवैध खनन का बड़ा खेल।

  • अल्टीमेटम: 15 दिनों में जवाब न देने या राशि जमा न करने पर जुर्माना राशि दोगुनी करने की चेतावनी।


कैसे हुआ इस ‘मुरम घोटाले’ का खुलासा?

खरगोन बायपास निर्माण के दौरान लंबे समय से स्थानीय ग्रामीणों द्वारा अवैध खनन की शिकायतें प्रशासन को मिल रही थीं।

  1. छापेमारी: कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने 15 दिसंबर को ग्राम मेहरजा और डाबरिया की शासकीय भूमि का औचक निरीक्षण किया।

  2. नियमों की धज्जियां: जांच में पाया गया कि एके शिवहरे इंफ्रास्ट्रक्चर ने ‘मध्यप्रदेश खनिज नियम 2022’ का सरेआम उल्लंघन किया और बिना लीज या परमिशन के मुरम का उत्खनन किया।

दंड का गणित: 25 करोड़ से अधिक की वसूली

जिला खनिज अधिकारी सावन चौहान ने बताया कि अवैध खनन की गंभीरता को देखते हुए कंपनी पर सख्त कार्रवाई की गई है:

  • रॉयल्टी पेनल्टी: निर्धारित रॉयल्टी का 15 गुना जुर्माना।

  • पर्यावरण क्षतिपूर्ति: जितनी पेनल्टी, उतनी ही राशि पर्यावरण को हुए नुकसान की भरपाई के रूप में।

  • कुल राशि: ₹25,66,77,000 + ₹1,000 (प्रशमन शुल्क)।


प्रशासन की सख्त चेतावनी

कलेक्टर कार्यालय की खनिज शाखा ने कंपनी को नोटिस जारी कर 15 दिन का समय दिया है। यदि निर्धारित समय में जुर्माना जमा नहीं किया जाता है, तो राजस्व वसूली के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्माण कार्य की आड़ में प्राकृतिक संसाधनों की लूट को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


खबर का सारांश 

  • दोषी कंपनी: एके शिवहरे इंफ्रास्ट्रक्चर, भोपाल।

  • स्थान: ग्राम मेहरजा और डाबरिया (गोगावां तहसील, खरगोन)।

  • कार्रवाई: ₹25.67 करोड़ का जुर्माना और वसूली नोटिस।

  • वजह: सरकारी भूमि से अवैध मुरम उत्खनन।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें