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खाकी पर दाग: इंदौर क्राइम ब्रांच का ASI कॉल डिटेल बेचते गिरफ्तार; भोपाल ATS ने महाराष्ट्र से दबोचा, जासूसी एजेंसियों को गोपनीय डेटा सप्लाई करने का बड़ा खुलासा

इन्दौर/भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस के एक एएसआई की काली करतूत ने विभाग को शर्मसार कर दिया है। भोपाल एटीएस ने एक ऐसे ...

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| सतना टाइम्स

इन्दौर/भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस के एक एएसआई की काली करतूत ने विभाग को शर्मसार कर दिया है। भोपाल एटीएस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो आम लोगों की निजी जानकारी और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का अवैध कारोबार कर रहा था। इस नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार इन्दौर क्राइम ब्रांच में पदस्थ ASI रामपाल निकला, जो अपने पद का दुरुपयोग कर गोपनीय डेटा निजी डिटेक्टिव एजेंसियों को बेच रहा था। एटीएस ने रामपाल को महाराष्ट्र के सोलापुर से गिरफ्तार किया है।

न्यूज़ हेडलाइंस 

  • गोपनीयता से खिलवाड़: एएसआई रामपाल निजी एजेंसियों को मोटी रकम और कमीशन के बदले देता था लोगों की CDR और लोकेशन।

  • बड़ी गिरफ्तारियां: पुलिसकर्मी के साथ डिटेक्टिव एजेंसी संचालक योगेश बेलवाल (इन्दौर) और अनिकेत पटेल (भोपाल) भी गिरफ्तार।

  • टेक्निकल सबूत: मोबाइल और लैपटॉप की जांच में मिले अवैध डेटा सप्लाई के पुख्ता प्रमाण।

  • फरार आरोपी: गिरोह का मुख्य संदिग्ध मुकेश तोमर पुलिस की भनक लगते ही उत्तराखंड भाग निकला।


कैसे काम करता था यह नेटवर्क

एटीएस को सूचना मिली थी कि कुछ डिटेक्टिव एजेंसियां जासूसी के नाम पर अवैध रूप से लोगों की निजी जानकारी निकाल रही हैं।

  1. लिंक की पहचान: जांच में मुकेश तोमर का नाम आया, जिसके संपर्क इन्दौर क्राइम ब्रांच के एएसआई रामपाल से थे।

  2. पद का दुरुपयोग: रामपाल आधिकारिक माध्यमों का उपयोग कर किसी भी व्यक्ति की कॉल डिटेल और टावर लोकेशन निकलवा लेता था और उसकी कॉपी निजी एजेंसियों को सौंप देता था।

  3. कमीशन का खेल: इसके बदले रामपाल को भारी कमीशन मिलता था। एटीएस ने तकनीकी साक्ष्यों और टावर लोकेशन के जरिए इनकी मुलाकातों की पुष्टि की है।

ATS का पीछा और सोलापुर में गिरफ्तारी

रामपाल को जब भनक लगी कि एटीएस उसकी तलाश कर रही है, तो वह फरार हो गया। एटीएस की टीम ने लोकेशन ट्रैक करते हुए उसका पीछा किया और अंततः महाराष्ट्र के सोलापुर से उसे हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके पास मौजूद डिजिटल उपकरणों में कई संदिग्ध फाइलें मिली हैं।


डिटेक्टिव एजेंसियों पर भी शिकंजा

एटीएस ने इस मामले में दो अन्य प्रमुख किरदारों को भी दबोचा है:

  • योगेश बेलवाल: ‘इन्दौर डिटेक्टिव सर्विस’ का संचालक।

  • अनिकेत पटेल: भोपाल की ‘कर्मा डिटेक्टिव एजेंसी’ का संचालक।

    इन दोनों से पूछताछ में यह पता लगाया जा रहा है कि इन्होंने अब तक कितने लोगों की जासूसी करवाई और इस डेटा का उपयोग कहाँ-कहाँ किया गया।

जांच का दायरा और फरार संदिग्ध

एटीएस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या विभाग के कुछ और कर्मचारी भी इस नेटवर्क का हिस्सा थे। मुख्य आरोपी मुकेश तोमर फिलहाल फरार है और उसकी तलाश में टीमें उत्तराखंड भेजी गई हैं।


खबर का सारांश 

  • मुख्य आरोपी: एएसआई रामपाल (क्राइम ब्रांच, इन्दौर)।

  • कार्रवाई: भोपाल एटीएस द्वारा गिरफ्तारी।

  • आरोप: कॉल डिटेल (CDR) और टावर लोकेशन का अवैध व्यापार।

  • जब्ती: मोबाइल, लैपटॉप और महत्वपूर्ण डिजिटल दस्तावेज।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

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