ग्वालियर/भोपाल। दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधायकी समाप्त किए जाने के बाद मचे सियासी घमासान के बीच विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर का महत्वपूर्ण बयान सामने आया है। ग्वालियर में मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सदस्यता निरस्त करने का निर्णय पूरी तरह विधि सम्मत और न्यायालय के आदेश के आधार पर लिया गया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि भविष्य में भारती को ऊपरी अदालत से राहत मिलती है, तो विधानसभा नियम अनुसार अगला कदम उठाएगी।

न्यूज़ हेडलाइंस
-
नियम का हवाला: कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद संवैधानिक प्रावधानों के तहत ली गई एक्शन।
-
भविष्य की राह: यदि कोर्ट सजा पर रोक लगाता है, तो कानूनी सलाह लेकर बहाली पर होगा विचार।
-
पुरानी नजीर: अध्यक्ष ने प्रहलाद लोधी और आशा देवी जैसे पूर्व मामलों का दिया उदाहरण।
-
सचिवालय विवाद: रात 9 बजे विधानसभा दफ्तर खुलने पर बोले— “सचिव बाहर थे, पेंडिंग काम निपटाने आए थे, कुछ गलत नहीं।”
क्यों गई राजेंद्र भारती की सदस्यता?
राजेंद्र भारती को एक पुराने एफडी (FD) घोटाले से जुड़े मामले में न्यायालय ने दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी।
-
कानूनी प्रावधान: जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के अनुसार, यदि किसी विधायक को दो साल या उससे अधिक की सजा होती है, तो उसकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त हो जाती है।
-
नोटिफिकेशन: कोर्ट का फैसला आने के तुरंत बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता शून्य घोषित करने का आदेश जारी कर दिया।
विधानसभा अध्यक्ष की दो-टूक बातें
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए नरेंद्र सिंह तोमर ने मुख्य रूप से चार बिंदुओं पर अपनी बात रखी:
-
विधिक प्रक्रिया: “सदस्यता समाप्त करना कोई राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि कोर्ट के आदेश का पालन है।”
-
कांग्रेस के आरोप: कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे ‘जल्दबाजी’ के आरोपों पर तोमर ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
-
राहत की उम्मीद: जब उनसे पूछा गया कि अगर भारती को स्टे मिलता है तो क्या होगा? उन्होंने कहा, “न्यायालय का जो भी अगला आदेश आएगा, हम उस पर कानूनी विशेषज्ञों से राय लेकर आगे की कार्यवाही करेंगे।”
-
मिस्टर गौतम का पत्र: अध्यक्ष ने ‘मिस्टर गौतम’ नामक व्यक्ति के एक पत्र का भी जिक्र किया, जो इस मामले की कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा रहा है।
रात में सचिवालय खुलने पर स्पष्टीकरण
विपक्ष ने सवाल उठाए थे कि राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने के लिए रात के वक्त विधानसभा सचिवालय क्यों खोला गया? इस पर स्पष्टीकरण देते हुए अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा सचिव शहर से बाहर गए हुए थे और रात 9 बजे लौटे थे। कुछ जरूरी फाइलों और पेंडिंग कार्यों को निपटाने के लिए वे दफ्तर गए थे, इसे किसी विशेष कार्यवाही से जोड़ना गलत है।
खबर का सारांश
-
प्रभावित नेता: राजेंद्र भारती (कांग्रेस विधायक, दतिया)।
-
कारण: न्यायालय द्वारा सजा सुनाया जाना।
-
कार्यवाही: विधानसभा सदस्यता निरस्त (Notification Issued)।
-
अगला कदम: ऊपरी अदालत के फैसले और कानूनी मशविरे पर निर्भर।








