छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने देश में एलपीजी गैस की कथित कमी को लेकर बड़ा बयान दिया है। गुरुवार को छिंदवाड़ा हवाई पट्टी पर उतरे कमलनाथ ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि देश में ईंधन या गैस की कोई वास्तविक किल्लत नहीं है। उन्होंने इस स्थिति के लिए खराब वितरण प्रणाली को जिम्मेदार ठहराया, जिससे जनता के बीच डर और भ्रम का माहौल पैदा हो गया है।

न्यूज़ हेडलाइंस
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बड़ा बयान: “गैस की किल्लत नहीं है, ऐसा माहौल बना दिया गया है” — कमलनाथ।
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केंद्र का बचाव: पेट्रोलियम संकट पर पहली बार खुलकर बोले पूर्व सीएम; मैनेजमेंट को बताया दोषी।
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छिंदवाड़ा दौरा: पूर्व सांसद नकुलनाथ के साथ हवाई पट्टी पर कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत।
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धार्मिक कार्यक्रम: हनुमान जन्मोत्सव पर सिमरिया के प्रसिद्ध सिद्धेश्वर मंदिर में करेंगे विशेष पूजा।
“गैस की कमी नहीं, मैनेजमेंट की कमी है”
ईरान-इजराइल तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन कमलनाथ ने भारत के संदर्भ में इसे अलग नजरिए से पेश किया:
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वितरण व्यवस्था पर सवाल: कमलनाथ ने कहा कि सप्लाई पर्याप्त है, लेकिन प्रशासन और वितरण एजेंसियों की अव्यवस्था के कारण लोगों को परेशानी हो रही है।
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भ्रम की स्थिति: उन्होंने जोर देकर कहा कि “शॉर्टेज” जैसी कोई बात नहीं है, बस सही तरीके से लॉजिस्टिक्स मैनेज नहीं होने के कारण ऐसा ‘आर्टिफिशियल क्राइसिस’ दिख रहा है।
शोकाकुल परिवारों और घायलों से मिलेंगे पिता-पुत्र
कमलनाथ ने बताया कि उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य एक व्यक्तिगत शोक यात्रा में शामिल होना है। वहीं, उनके बेटे और पूर्व सांसद नकुलनाथ 26 मार्च को सिमरिया में हुए भीषण बस हादसे के पीड़ितों से मिलने अस्पताल जाएंगे।
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हादसे का जख्म: बता दें कि 26 मार्च को मुख्यमंत्री मोहन यादव की सभा से लौट रही एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें कई लोगों की जान गई थी और 40 से अधिक लोग घायल हुए थे।
हनुमान जन्मोत्सव और सियासी मायने
कमलनाथ का यह दौरा केवल व्यक्तिगत और धार्मिक (हनुमान जन्मोत्सव पूजा) नहीं माना जा रहा है।
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सियासी हलचल: मोदी सरकार के बचाव में दिए गए उनके बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में कयासबाजी शुरू हो गई है। कांग्रेस के भीतर और विपक्षी खेमे में इस “नरम रुख” के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं।
खबर का सारांश
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वक्ता: कमलनाथ (पूर्व मुख्यमंत्री, मप्र)।
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मुद्दा: एलपीजी गैस और पेट्रोलियम किल्लत।
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स्थान: छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश।
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प्रमुख संदेश: देश में गैस पर्याप्त है, समस्या केवल वितरण (Distribution) की है।








