भोपाल/पांढुर्णा। मध्य प्रदेश में उत्तर भारत से आए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने मानसून जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। बीते 24 घंटों में प्रदेश के 80 से अधिक स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक असर पांढुर्णा में देखा गया, जहाँ 80 एमएम (3 इंच से अधिक) बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार को प्रदेश के 80% हिस्से में बादल छाने और जोरदार बारिश की चेतावनी जारी की है।

मौसम की बड़ी बातें
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पांढुर्णा का हाल: 3 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज, सड़कों पर बहा पानी।
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50 किमी/घंटा का अलर्ट: प्रदेश के कई हिस्सों में तेज धूल भरी आंधी और तूफानी हवाओं की चेतावनी।
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ऑरेंज अलर्ट: 8 जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना।
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यलो अलर्ट: भोपाल, इंदौर और जबलपुर सहित 30 से ज्यादा जिलों में वज्रपात (बिजली गिरने) का खतरा।
अगले 24 घंटों का ‘ऑरेंज’ और ‘यलो’ अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार (3 अप्रैल) के लिए जिलों को दो श्रेणियों में बांटा है:
1. भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट (8 जिले):
सीहोर, खंडवा, उज्जैन, देवास, शाजापुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा और मंडला। यहाँ जोरदार बारिश के साथ ओले गिरने की प्रबल संभावना है।
2. बारिश और आंधी का यलो अलर्ट (प्रमुख जिले):
राजधानी भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, इंदौर, धार, झाबुआ, जबलपुर, ग्वालियर, गुना, सतना, रीवा और पांढुर्णा। यहाँ 40-50 किमी की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
ओलावृष्टि ने बढ़ाई किसानों की चिंता
ग्वालियर, उज्जैन और राजगढ़ के कई इलाकों में बीते 24 घंटों में जोरदार ओले गिरे हैं। डबरा, चिनोर, लहार और दतिया जैसे क्षेत्रों में भी बारिश दर्ज की गई है। खेतों में कटी रखी फसल और मंडियों में खुले में रखे अनाज को इस बेमौसम बारिश से भारी नुकसान पहुँचने की आशंका है।
प्रमुख शहरों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में):
| शहर | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान |
| भोपाल | 37.4 | 21.4 |
| इंदौर | 36.5 | 22.6 |
| ग्वालियर | 36.1 | 22.8 |
| जबलपुर | 38.6 | 24.6 |
| नर्मदापुरम | 40.0 | 23.5 |
विशेषज्ञों की राय
मौसम केंद्र भोपाल के वैज्ञानिक डॉ. अरुण शर्मा के अनुसार:
“उत्तर भारत में बने मौसमी सिस्टम के चलते अगले दो से तीन दिनों तक प्रदेश में इसी तरह का मौसम बना रहेगा। 5 अप्रैल तक बादल छाए रहने और आइसोलेटेड (छिटपुट) स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।”
सावधानी की अपील:
खराब मौसम को देखते हुए लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी गई है। किसानों को अपनी फसल सुरक्षित स्थानों पर रखने का परामर्श दिया गया है।








