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बालाघाट: मौत का ‘गड्ढा’ बनी सड़क; खाई में गिरते ही आग का गोला बनी कार, ससुर-बहू और 3 साल के मासूम की जिंदा जलकर मौत

बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में शनिवार देर रात एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा सामने आया है। बैहर-मलाजखंड मार्ग ...

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| सतना टाइम्स

बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में शनिवार देर रात एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा सामने आया है। बैहर-मलाजखंड मार्ग पर केवलारी चौराहे के पास एक अनियंत्रित ऑल्टो कार गहरे गड्ढे में गिर गई। गिरने के साथ ही कार के इंजन में भीषण आग लग गई और दरवाजे लॉक होने के कारण अंदर सवार एक ही परिवार के तीन सदस्यों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। मृतकों में ससुर, उनकी बहू और महज 3 साल का पोता शामिल है।

न्यूज़ हेडलाइंस 

  • भीषण अग्निकांड: गड्ढे में गिरते ही पेट्रोल कार बनी ‘चिता’; बाहर निकलने का नहीं मिला मौका।

  • दर्दनाक मौत: नगारची केलकर (65), बहू सविता (28) और 3 साल के अभि की जिंदा जलने से मौत।

  • जांबाज राहगीर: लोगों ने शीशे तोड़कर ड्राइवर और उसकी मां को निकाला सुरक्षित; 8 साल की बच्ची चमत्कारिक रूप से बची।

  • हादसे का कारण: देर रात ड्राइवर को झपकी आने की आशंका; पुलिस ने शुरू की तकनीकी जांच।


चंद मिनटों में खाक हुई खुशियां: “दरवाजे बने काल”

हादसा उस वक्त हुआ जब सीतम केलकर अपने परिवार के साथ ग्राम पोंडी से मलाजखंड लौट रहे थे।

  1. अचानक भड़की आग: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार जैसे ही गड्ढे में गिरी, उसमें ब्लास्ट जैसा हुआ और आग की ऊंची लपटें उठने लगीं।

  2. सेंट्रल लॉकिंग का खतरा: आग लगते ही कार के दरवाजे लॉक हो गए। अंदर बैठे लोग जान बचाने के लिए चीखते रहे, लेकिन पेट्रोल की वजह से आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।

  3. मृतकों की पहचान: इस खौफनाक मंजर में नगारची केलकर (65), सविता केलकर (28) और मासूम अभि (3) की मौके पर ही जलकर मौत हो गई।

बहादुरी और चमत्कार: 3 की बची जान

जहाँ एक तरफ तीन जिंदगियां खत्म हो गईं, वहीं राहगीरों की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा होने से बचा:


प्रशासनिक जांच और लापरवाही के सवाल

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदर्शकांत शुक्ला के अनुसार, प्रारंभिक जांच में ड्राइवर को नींद की झपकी आना हादसे की वजह लग रही है। मलाजखंड नगर पालिका की फायर ब्रिगेड ने पहुँचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार लोहे के कंकाल में तब्दील हो चुकी थी।

“कार पूरी तरह जल चुकी है, मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। हम हादसे के तकनीकी कारणों और कार के मैकेनिकल फेलियर की भी जांच कर रहे हैं।”

— जयंत मर्सकोले, थाना प्रभारी

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

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