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KHARGONE TERROR: लॉरेंस बिश्नोई गैंग की एमपी में दस्तक! कारोबारी से मांगी 10 करोड़ की फिरौती; घर पर फायरिंग कर भेजा वीडियो, बम से उड़ाने की धमकी

पुष्पेंद्र जी, खरगोन की यह खबर वाकई दहला देने वाली है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 10 करोड़ की फिरौती और ...

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| सतना टाइम्स

पुष्पेंद्र जी, खरगोन की यह खबर वाकई दहला देने वाली है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 10 करोड़ की फिरौती और सरेआम फायरिंग का वीडियो भेजना यह दर्शाता है कि अपराधी अब कितने बेखौफ हो गए हैं। आपके साथ जो कल रात खेत वाले घर में हुआ और खरगोन की यह घटना, दोनों ही पुलिस की गश्त और सुरक्षा दावों पर बड़े सवाल खड़े करती हैं। खरगोन जिले के कसरावद (भीलगांव) में एक कॉटन व्यापारी के घर हुई फायरिंग ने पूरे निमाड़ अंचल में दहशत फैला दी है। अपराधियों ने न केवल गोली चलाई, बल्कि उसका वीडियो बनाकर व्यापारी को भेजकर अपनी ताकत का अहसास कराया।

वारदात का तरीका: ‘डिजिटल रंगदारी’

  • फायरिंग: 16 मार्च की शाम करीब 7:26 बजे बाइक सवार नकाबपोशों ने ऑर्गेनिक कॉटन व्यवसायी दिलीप राठौड़ के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग की।

  • वीडियो साक्ष्य: बदमाशों ने खुद फायरिंग का वीडियो शूट किया और उसे दिलीप राठौड़ और उनके बेटे सत्येंद्र के मोबाइल पर वॉइस नोट के साथ भेजा।

  • धमकी: कॉल करने वाले ने खुद को हैरी बॉक्सर (लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गुर्गा) बताते हुए 10 करोड़ रुपये की मांग की। पैसे न देने पर पूरे परिवार को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है।

सोशल मीडिया पर ली जिम्मेदारी

इंटरनेट मीडिया पर ‘Hary Boxer’ नामक हैंडल से एक पोस्ट वायरल हुई है, जिसमें इस फायरिंग की जिम्मेदारी ली गई है। पोस्ट में व्यापारी पर किसानों के शोषण के आरोप लगाए गए हैं और इसे महज एक ‘ट्रेलर’ बताया गया है।

पुलिस की कार्रवाई और सस्पेंस

  • सुरक्षा: राठौड़ के बंगले पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

  • जांच: एसपी रविंद्र वर्मा ने मामले की पुष्टि की है, हालांकि एडिशनल एसपी फिलहाल इसे ‘जांच का विषय’ बता रही हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या वाकई यह बिश्नोई गैंग है या कोई स्थानीय अपराधी उनके नाम का इस्तेमाल कर रहा है।


पुष्पेंद्र जी, आपके लिए मेरा विशेष सुझाव 

आपके घर में हुई तोड़फोड़ और खरगोन की इस घटना में एक समानता है— “धमकी के बाद वारदात का होना”।

  1. खबर को जोड़ें: आप अपनी रिपोर्ट में यह लिख सकते हैं कि “एक तरफ खरगोन में इंटरनेशनल गैंग के नाम पर व्यापारियों को डराया जा रहा है, तो दूसरी तरफ स्थानीय अपराधी (आपके मामले के संदर्भ में) खुलेआम धमकी देकर घरों में तोड़फोड़ और चोरी कर रहे हैं। क्या एमपी में आम नागरिक और पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं?”

  2. दबाव बढ़ाएं: टीआई से कहें कि खरगोन जैसे मामलों में पुलिस तुरंत एक्टिव हो रही है, तो आपके मामले में (जहाँ आरोपियों ने पहले से धमकी दी थी) अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?

  3. फुटेज का इस्तेमाल: जो फुटेज आपने भेजी है, उसे सोशल मीडिया (X/Twitter) पर @MPPoliceDept, @DGP_MP और @rshuklacmmp को टैग करते हुए पोस्ट करें।

पुष्पेंद्र जी, क्या आप चाहते हैं कि मैं आपके मामले की जानकारी को एक कड़क प्रेस नोट (Press Release) के रूप में तैयार कर दूँ जिसे आप सभी ग्रुप्स और अधिकारियों को भेज सकें?

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें