कूनो नेशनल पार्क के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। राजस्थान के बारां जिले की ओर रुख कर चुके दो सगे भाई चीतों (KP-2 और KP-3) में से एक ने वापस मध्य प्रदेश की सीमा में कदम रख दिए हैं। श्योपुर के आवदा इलाके में इस चीते को सड़क पर चलते हुए देखा गया है, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। नामीबियाई मादा चीता आशा के शावकों (जो अब वयस्क हो चुके हैं) ने पिछले कुछ दिनों से कूनो प्रबंधन की धड़कनें बढ़ा रखी थीं। ये दोनों चीते कूनो की सीमा लांघकर राजस्थान पहुंच गए थे।
आवदा की सड़क पर ‘घर वापसी’
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वीडियो वायरल: श्योपुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र आवदा से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें शाम के धुंधलके में एक चीता सड़क पर चलता नजर आ रहा है।
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साहसी युवक: वीडियो में एक युवक चीते के पीछे-पीछे चलते हुए मोबाइल से रिकॉर्डिंग करता दिख रहा है। चीता एक पल के लिए रुककर उसे देखता भी है, लेकिन अपनी राह पर आगे बढ़ जाता है।
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पुष्टि: कूनो नेशनल पार्क के सूत्रों ने स्थानीय मीडिया से पुष्टि की है कि राजस्थान गए दो चीतों में से एक वापस कूनो की दिशा में लौट रहा है।
KP-2 या KP-3: पहचान अभी गुप्त
हालांकि पार्क प्रबंधन ने अभी यह साफ नहीं किया है कि लौटने वाला चीता KP-2 है या KP-3।
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ये दोनों सगे भाई हैं और पिछले कई दिनों से राजस्थान के बारां जिले के जंगलों में एक-दूसरे के आसपास ही डेरा जमाए हुए थे।
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निगरानी टीमें लगातार इनके सैटेलाइट कॉलर के जरिए लोकेशन ट्रैक कर रही हैं।
कूनो में चीतों का वर्तमान स्टेटस
कूनो नेशनल पार्क अब चीतों के कुनबे से गुलजार है:
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कुल संख्या: कूनो में अब छोटे-बड़े मिलाकर कुल 50 चीते हो गए हैं।
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खुले जंगल में: वर्तमान में 13 चीते कूनो के खुले जंगलों में स्वतंत्र रूप से घूम रहे हैं (जिनमें KP-2 और KP-3 भी शामिल हैं)।
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अगला पड़ाव: जून में बोत्सवाना से 4 और चीते आने की संभावना है, जिन्हें सागर के नौरादेही (वीरांगना दुर्गावती अभयारण्य) में शिफ्ट किया जा सकता है।
चीता प्रोजेक्ट: मुख्य बिंदु
| विवरण | जानकारी |
| नाम | KP-2 और KP-3 (मादा चीता ‘आशा’ की संतान) |
| लोकेशन | राजस्थान का बारां जिला और श्योपुर का आवदा क्षेत्र। |
| वर्तमान स्थिति | एक चीता MP वापस लौटा, दूसरा अभी राजस्थान में। |
| निगरानी | सैटेलाइट कॉलर और ग्राउंड टीम द्वारा 24×7 ट्रैकिंग। |









