दावोस (स्विट्जरलैंड):मध्य प्रदेश सरकार का प्रतिनिधिमंडल वैश्विक मंच पर राज्य की औद्योगिक क्षमताओं का प्रदर्शन कर रहा है। मंगलवार को हुई बैठक में एवरस्टोन समूह के साथ भविष्य के निवेश की रूपरेखा तैयार की गई, जिसमें विशेष रूप से ईवी (EV), ऑटोमोबाइल और रिन्यूएबल एनर्जी पर ध्यान केंद्रित किया गया।

बैठक की मुख्य बातें: कहाँ होगा निवेश?
एवरस्टोन समूह ने स्केलेबल प्लेटफॉर्म और दीर्घकालिक इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की प्राथमिकता साझा की है। चर्चा के दौरान निम्नलिखित क्षेत्रों पर प्रमुखता से बात हुई:
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इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और ऑटोमोबाइल: इंदौर, उज्जैन और भोपाल के आसपास विकसित हो रहे ऑटोमोबाइल क्लस्टर्स में निवेश की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया।
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नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy): सोलर पैनल, बैटरी निर्माण, इंगट्स (Ingots) और वेफर्स (Wafers) जैसे कंपोनेंट विनिर्माण में निवेश के अवसरों को रेखांकित किया गया।
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वस्त्र और परिधान उद्योग: राज्य की मौजूदा स्थापित क्षमताओं के आधार पर इस क्षेत्र को वैश्विक निर्यात हब बनाने पर चर्चा हुई।
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खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing): एवरस्टोन समूह ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी संभावित सहयोग पर सहमति व्यक्त की है।
MP सरकार का ‘इन्वेस्टर फ्रेंडली’ प्रस्ताव
बैठक में उपस्थित नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला और अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारियों ने निवेशकों को लुभाने के लिए राज्य के मजबूत पक्ष रखे:
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भूमि अधिग्रहण: सरकार ने निवेशकों के अनुकूल पारदर्शी भूमि अधिग्रहण ढांचे की जानकारी दी।
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प्रमुख स्थान: विनिर्माण आधारित निवेश के लिए भोपाल और होशंगाबाद (नर्मदापुरम) के समीप के क्षेत्रों को सबसे उपयुक्त बताया गया।
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आंतरिक मांग: राज्य में बढ़ती औद्योगिक और घरेलू मांग को निवेश के लिए एक बड़ा आधार बताया गया।
निवेश वार्ता का सारांश
| विवरण | जानकारी |
| निवेशक समूह | एवरस्टोन समूह (Everstone Group) |
| प्रतिनिधि | जयंत सिन्हा (प्रेसिडेंट, एवरस्टोन समूह) |
| लक्ष्य क्षेत्र | विनिर्माण, ईवी, सोलर कंपोनेंट, खाद्य प्रसंस्करण |
| प्रमुख स्थान | भोपाल, इंदौर, उज्जैन, होशंगाबाद |
| सरकारी प्रतिनिधि | राकेश शुक्ला (ऊर्जा मंत्री), मनु श्रीवास्तव (ACS), राघवेंद्र कुमार सिंह |








