दतिया (मध्य प्रदेश):दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े, जो अपनी जनसुनवाई और त्वरित मदद के लिए पहचाने जाते हैं, उनके नाम का दुरुपयोग कर लोगों को ठगने की कोशिश की गई है। जालसाज ने न केवल कलेक्टर के नाम की फर्जी आईडी बनाई, बल्कि उनके एक परिचित को इमोशनल मैसेज भेजकर तत्काल पैसों की मदद मांगी।
![]()
1. जालसाजी का तरीका: +84564948095 नंबर से खेल
ठगों ने विदेशी नंबर (कंट्री कोड +84) का उपयोग कर व्हाट्सएप और फेसबुक पर कलेक्टर की फोटो लगाकर प्रोफाइल तैयार की।
-
टारगेट: कलेक्टर के परिचित ‘अरविंद’ नामक व्यक्ति को मैसेज भेजा गया।
-
मैसेज का मजमून: ठग ने कलेक्टर बनकर लिखा— “हाय अरविंद, कैसे हो? मैं एक जरूरी मीटिंग में हूं और प्रोजेक्ट के लिए लेनदेन करना है, लेकिन मेरे बैंक खाते में समस्या आ रही है। क्या आप मेरी मदद कर सकते हैं? शाम तक पैसे वापस कर दूंगा।”
2. कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े की अपील
मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर ने तुरंत स्पष्टीकरण जारी किया और लोगों को सचेत किया:
-
सतर्क रहें: किसी भी अधिकारी के नाम से आने वाले संदिग्ध मैसेज या पैसों की मांग पर भरोसा न करें।
-
लेन-देन न करें: कलेक्टर या प्रशासन का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी सोशल मीडिया पर कभी भी व्यक्तिगत रूप से पैसों का लेन-देन नहीं करता।
-
रिपोर्ट करें: यदि ऐसा कोई मैसेज मिले, तो तत्काल पुलिस या साइबर सेल को सूचित करें।
3. अधिकारियों के नाम पर बढ़ता साइबर फ्रॉड
यह पहली बार नहीं है जब किसी IAS या IPS अधिकारी की फर्जी आईडी बनाई गई हो। अपराधी अक्सर चर्चित अधिकारियों की सक्रियता का फायदा उठाते हैं। चूंकि स्वप्निल वानखेड़े सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं और लोगों की मदद करते हैं, ठगों ने इसी ‘मददगार छवि’ का लाभ उठाने की कोशिश की।
फ्रॉड से बचने के लिए क्या करें? (सुरक्षा टिप्स)
| क्या करें? | क्या न करें? |
| नंबर चेक करें: क्या वह नंबर +91 (भारत) से शुरू हो रहा है? | जल्दबाजी न करें: ‘इमरजेंसी’ के नाम पर तुरंत पैसे न भेजें। |
| कन्फर्म करें: संबंधित व्यक्ति को सीधे कॉल कर सच्चाई जानें। | लिंक पर क्लिक न करें: ठग अक्सर पेमेंट लिंक भी भेजते हैं। |
| प्राइवेसी सेटिंग्स: अपनी फ्रेंड लिस्ट और जानकारी को सुरक्षित रखें। | अनजान कॉल: अनजान विदेशी नंबरों से आए संदेशों को ब्लॉक करें। |








