कटनी (मध्य प्रदेश): इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई सामूहिक मौतों के मामले में जहां एक तरफ जनता न्याय की मांग कर रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकार के मंत्रियों का रवैया सवालों के घेरे में है। कटनी जिले में नगरीय प्रशासन राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी से जब इस त्रासदी और राहुल गांधी की टिप्पणी पर सवाल किया गया, तो वे जवाब देने के बजाय मौके से भागती नजर आईं।
![]()
क्या हुआ कटनी के कार्यक्रम में?
मंत्री प्रतिमा बागरी कटनी के द्वारका भवन में ‘राज्य शिक्षक सम्मान समारोह’ में शामिल होने पहुंची थीं। कार्यक्रम के बाद जब मीडिया ने उन्हें घेरा, तो स्थिति कुछ ऐसी रही:
-
सवालों से किनारा: पत्रकारों ने जब इंदौर में दूषित पानी से हुई 17 मौतों पर उनकी राय मांगी, तो मंत्री करीब एक मिनट तक केवल ‘शिक्षा संघ’ और ‘शिक्षक सम्मान’ की उपलब्धियां गिनाती रहीं।
-
माइक झटककर विदा: जब पत्रकारों ने दोबारा इंदौर कांड और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल पूछा, तो मंत्री ने तल्ख अंदाज में ‘धन्यवाद’ कहा, माइक झटक दिया और बिना कोई जवाब दिए अपनी गाड़ी की ओर तेज कदमों से दौड़ लगा दी।
कांग्रेस ने वीडियो साझा कर साधा निशाना
मंत्री के इस व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक हैंडल से वीडियो शेयर करते हुए लिखा:
“ये हैं प्रतिमा बागरी- MP की नगरीय विकास मंत्री। इंदौर में गंदे पानी से हुई मौतों पर सवाल सुनते ही मंत्री साहिबा चुपचाप निकल गईं। लोग मर रहे हैं, परिवार बिलख रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार सवालों से पीछा छुड़ाने में लगे हैं।”
सांसद ने किया डैमेज कंट्रोल
मंत्री के असहज होकर जाने के बाद मौके पर मौजूद सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने मोर्चा संभाला। उन्होंने स्थिति को संभालते हुए मीडिया से कहा:
-
सरकार गंभीर है: सांसद ने दावा किया कि सरकार इंदौर मामले को लेकर बेहद संवेदनशील है।
-
कार्रवाई का आश्वासन: उन्होंने बताया कि कई अधिकारियों को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
निष्कर्ष
इंदौर की घटना नगरीय प्रशासन विभाग से सीधे तौर पर जुड़ी है, ऐसे में विभाग की राज्य मंत्री का इस तरह सवालों से बचना सरकार की संवेदनशीलता पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। विपक्ष अब इस मुद्दे को ‘जवाबदेही से भागने वाली सरकार’ के रूप में प्रचारित कर रहा है।








