दमोह (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के जंगलों से वन्यजीव प्रेमियों को विचलित कर देने वाली एक खबर सामने आई है। जहाँ एक ओर सरकार बाघों और तेंदुओं के संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दमोह जिले में एक तेंदुए की मौत ने सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से सटे इलाके में एक तेंदुए की मौत कथित तौर पर भूख और कमजोरी के कारण हो गई है।
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खाली पेट और कमजोरी बनी मौत की वजह
दमोह जिले के जबेरा स्थित तेजगढ़ वन परिक्षेत्र की वंशीपुर बीट में बीते रोज एक तेंदुए का शव बरामद हुआ। वन विभाग द्वारा कराई गई शॉर्ट पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट में जो खुलासा हुआ, वह हैरान करने वाला है। डॉक्टरों के अनुसार, तेंदुए की आंतें पूरी तरह से खाली पाई गई हैं। शरीर पर शिकार, आपसी संघर्ष या करंट लगने का कोई भी निशान नहीं मिला है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जंगल का यह शिकारी बीते कई दिनों से भूखा था और शारीरिक कमजोरी के कारण उसकी मौत हो गई।
चरवाहे ने दी थी सूचना
घटना का पता तब चला जब वंशीपुर बीट के जंगल में एक चरवाहे ने नाले के पास तेंदुए का शव पड़ा देखा। चरवाहे की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची। शुरुआत में इसे शिकार का मामला माना जा रहा था, लेकिन बारीकी से निरीक्षण करने पर तेंदुए के सभी अंग सुरक्षित पाए गए।
वन विभाग का पक्ष: लैब रिपोर्ट का इंतज़ार
तेजगढ़ रेंजर नीरज पांडे ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि:
“शुरुआती जांच में मौत का कारण भूख और बीमारी लग रही है क्योंकि शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं है। हालांकि, स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट करने के लिए तेंदुए के विसरा सैंपल लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों की पुष्टि हो पाएगी।”
वन्यजीव सुरक्षा पर खड़े हुए बड़े सवाल
एक हिंसक शिकारी जीव का जंगल में भूख से मर जाना वन्यजीव प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाता है:
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क्या वंशीपुर बीट और उससे लगे टाइगर रिजर्व के बफर जोन में प्रे-बेस (Prey base) यानी छोटे शिकार की कमी हो गई है?
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क्या तेंदुआ किसी ऐसी बीमारी से ग्रसित था जिसकी वजह से वह शिकार करने में अक्षम हो गया था?
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वन विभाग की गश्ती टीम को इसकी हालत के बारे में पहले जानकारी क्यों नहीं मिली?
फिलहाल, वन विभाग की टीम लैब रिपोर्ट का इंतज़ार कर रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या तेंदुए को कोई गंभीर संक्रमण था या यह शुद्ध रूप से भोजन की अनुपलब्धता का मामला है








