खंडवा: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में धर्म परिवर्तन का एक अनोखा और भावुक मामला सामने आया है। गुड़ी क्षेत्र की रहने वाली मुस्लिम युवती सानिया ने गहन धार्मिक अध्ययन के बाद इस्लाम छोड़कर सनातन धर्म अपना लिया और हिंदू युवक निखिल के साथ विवाह किया। सनातन धर्म अपनाने के बाद युवती का नया नाम ‘सती’ रखा गया।
रामायण और कृष्ण प्रेम ने बदला मन
सानिया बचपन से इस्लाम का पालन कर रही थीं, लेकिन उनका रुझान पिछले कुछ समय से सनातन संस्कृति की ओर था।
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गहन अध्ययन: सानिया ने सनातन धर्म को गहराई से समझने के लिए एक अनोखा रास्ता चुना। उन्होंने पिछले तीन महीने बनारस (बाबा काशी विश्वनाथ की नगरी) में बिताए, जहाँ उन्होंने धार्मिक ग्रंथों और कर्मकांडों का अध्ययन किया।
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निर्णय का आधार: रामायण पढ़ने के बाद उनके मन में परिवर्तन आया। उन्होंने मथुरा-वृंदावन जाकर राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम और उनके आदर्शों को समझा।
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सच्चा प्रेम: युवती ने कहा कि वह प्रेम को केवल शारीरिक आकर्षण नहीं, बल्कि त्याग, आस्था और उच्चतम मूल्यों में देखना चाहती थी, और इसी खोज ने उन्हें सनातन धर्म अपनाने का निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया।
महादेवगढ़ में ‘घर वापसी’ संस्कार
धार्मिक अध्ययन पूरा करने के बाद सानिया ने खंडवा के महादेवगढ़ पहुंचकर मंदिर संचालक अशोक पालीवाल को अपनी पूरी कहानी बताई।
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विधि-विधान: पालीवाल ने तत्काल पंडितों को बुलाकर युवती का विधिवत ‘घर वापसी’ संस्कार कराया। यजमान विधि, पवित्र मंत्रोच्चार और हवन के साथ यह प्रक्रिया पूरी की गई।
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नया नाम: धर्म वापसी के बाद सानिया का नया नाम ‘सती’ रखा गया।
शिव मंदिर में हुए सात फेरे
धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, सती ने अपने प्रेमी निखिल से शादी करने का संकल्प दोहराया।
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विवाह स्थल: महादेवगढ़ मंदिर परिसर में।
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परंपरागत विवाह: भगवान शिव को साक्षी मानकर, पंडितों की उपस्थिति में, दोनों ने वैदिक विधान से अग्नि के सात फेरे लिए और एक-दूसरे को वरमाला पहनाई।
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परिवार का समर्थन: निखिल के परिजन भी विवाह में मौजूद थे और उन्होंने बेटी सती को खुशी-खुशी स्वीकार कर आशीर्वाद दिया।
महादेवगढ़ में इस वर्ष धर्म वापसी का यह कोई अकेला मामला नहीं है। जानकारी के अनुसार, अब तक लगभग एक दर्जन युवक-युवतियां दूसरे धर्म से सनातन में लौटकर विवाह बंधन में बंध चुके हैं।








