छतरपुर: बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अगले सात दिन के लिए अज्ञातवास पर चले गए हैं। रविवार से शुरू हुए इस एकांतवास के दौरान वे अपने आराध्य की साधना करेंगे और सबसे महत्वपूर्ण— अपने पूज्य ‘सन्यासी बाबा’ पर एक नई किताब का लेखन करेंगे।
उत्तराखंड से शुरू हुआ एकांतवास
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शुरुआत: धीरेंद्र शास्त्री शनिवार को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गड़ा स्थित बागेश्वरधाम से उत्तराखंड के ऋषिकेश पहुँचे थे।
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गोपनीयता: ऋषिकेश से ही उनका अज्ञातवास प्रारंभ हो गया है। वे किस आश्रम में, किस स्थान पर रहेंगे और कौन उनके साथ रहेगा, इस बारे में किसी को भी जानकारी नहीं दी गई है। यह उनके एकांतवास का रहस्यमय पहलू है।
‘मेरे सन्यासी बाबा’ पर करेंगे लेखन
धीरेंद्र शास्त्री ने अज्ञातवास में जाने से पहले अपने निजी शिष्यों को बताया कि वे एकांतवास के दौरान एक नई पुस्तक का लेखन करेंगे:
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पुस्तक का शीर्षक: ‘मेरे सन्यासी बाबा’
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विषय वस्तु: इस पुस्तक में वे सन्यासी बाबा के जन्म, उनकी साधना, श्री हनुमानजी महाराज की कृपा, सन्यासी बाबा द्वारा ली गई समाधि सहित उनके जीवन के अनछुए पहलुओं और भगवद कृपा को उजागर करेंगे।
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सन्यासी बाबा: बता दें कि ‘सन्यासी बाबा’ वे ही समाधिस्थ संत हैं, जिनका नाम धीरेंद्र शास्त्री अपने दरबार के दौरान बार-बार पुकारते हैं।
पहले भी लिख चुके हैं दो पुस्तकें
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहले भी एकांतवास में जाकर पुस्तकें लिख चुके हैं। उनकी पूर्व में लिखी गई पुस्तकें हैं:
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‘सनातन धर्म क्या है’
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‘मल्टी टैलेंटेड हनुमान’
यह तीसरा मौका है जब वह एकांतवास में अपनी साधना और लेखन को समय दे रहे हैं।








