नई दिल्ली/इस्लामाबाद: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में हलचल मची हुई है। पाकिस्तानी विशेषज्ञ और पत्रकार इस बात पर खुलकर चर्चा कर रहे हैं कि पुतिन कभी उनके मुल्क क्यों नहीं जाते, जबकि भारत के साथ उनके रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं।
‘सीटियां मारते हैं तो भी पुतिन रुकते नहीं’
पाकिस्तानी एक्सपर्ट कमर चीमा ने एक शो में सीधे सवाल उठाया कि आख़िर पुतिन पाकिस्तान क्यों नहीं आते हैं।
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चीमा का सवाल: “व्लादिमीर पुतिन पाकिस्तान क्यों नहीं आते हैं, वैसे उन्हें आना तो चाहिए। पुतिन बड़ी दफा पाकिस्तान के ऊपर से होकर गुजर जाते हैं, ताल्लुक ही नहीं रखते हैं। हमने इनको नीचे से सीटियां भी मारी हैं, पर ये आते क्यों नहीं हैं। वहाँ मोदी साहब के साथ ये हंसते हैं।”
‘हम रोना रोएंगे, भारत कैश पर बात करेगा’
जवाब में, पाकिस्तानी पत्रकार आरजू काजमी ने साफ शब्दों में देश की आर्थिक स्थिति को रूस के अनिच्छुक होने का कारण बताया।
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अर्थव्यवस्था का मुद्दा: काजमी ने कहा, “हमें क्या काम है, हम किस लिए बुलाएंगे उनको। आपको क्या लगता है कि वह यहां आएंगे तो हम उनसे क्या कहेंगे। फाइटर जेट दे दें, तेल दे दें, उधार पर दे दें या किस्तों पर दे दें।”
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भारत का समीकरण: उन्होंने कहा, “भारत वह जाएंगे तो कैश पर बात होगी। वह यहां आएंगे तो हम सारी वो चीजें लेंगे जो जो भारत लेगा, दिखाने के लिए, लेकिन फर्क सिर्फ इतना है कि हम उधार पर लेंगे या हम कहेंगे कि वैसे ही दे दो… इसलिए वह मूड में नहीं हैं हमें किस्तों पर चीजें देने के लिए, इसलिए वह भारत चले गए कि सामान दो कैश लो और कहानी खत्म।”
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अपनी जेब कटवाने कौन आएगा: काजमी ने व्यंग्य करते हुए कहा कि जब तक पाकिस्तान अपनी इकोनॉमी ठीक नहीं कर लेता और कैश पेमेंट के काबिल नहीं होता, तब तक कोई यहां नहीं आएगा। उन्होंने कहा, “अभी तो कोई भी यहां आता है तो हम उन्हें बाढ़ दिखाते हैं, कभी कोविड दिखाते हैं, कहते हैं कि हमारे हाल खराब हैं, तो अपनी जेब कटवाने कोई क्यों आएगा।”
‘पुतिन बराबर के लोगों से मिलते हैं’
आरजू काजमी ने भारत और रूस के बीच मजबूत संबंधों का कारण भी बताया।
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बराबर का दर्जा: काजमी ने कहा कि “पुतिन अपने बराबर के लोगों से मिलते हैं।”
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भारत की विश्वसनीयता: उन्होंने कहा कि इंडिया का उन्हें पता है कि अमेरिका मना करेगा फिर भी वह हमसे तेल लेगा और पेमेंट करेगा।









