होम देश/विदेश मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ उत्तरप्रदेश जॉब/वेकैंसी एंटरटेनमेंट खेल लाइफस्टाइल टेक/गैजेट फैशन धर्म

MP में करोड़ों की सड़क घोटाला! करोड़ों की सड़क 3 साल में ही उखड़ी सड़क, पैसों के खेल में बर्बाद हुई रोड!

लखनादौन : मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में घोटालों की सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। स्वास्थ्य विभाग में सर्पदंश मरीजों के नाम ...

विज्ञापन

Updated on:

| सतना टाइम्स

लखनादौन : मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में घोटालों की सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। स्वास्थ्य विभाग में सर्पदंश मरीजों के नाम पर 11.26 करोड़ के घोटाले की गूंज अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि सिवनी पुलिस ने हवाला की रकम लगभग 3 करोड़ की हेराफेरी का मामला उजागर किया। अब जिले में एक और बड़ा घोटाला सामने आया है।

seoni road scam crores wasted road falls apart in just 3 years officials sile

मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में घोटालों की सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। स्वास्थ्य विभाग में सर्पदंश मरीजों के नाम पर 11.26 करोड़ के घोटाले की गूंज अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि सिवनी पुलिस ने हवाला की रकम लगभग 3 करोड़ की हेराफेरी का मामला उजागर किया।…

PunjabKesari, Sivni, Road Scam, MP Corruption, PWD Scam, Madhya Pradesh News, Infrastructure Scam, Road Construction Fraud, Public Money, Government Corruption, Accountability

लखनादौन क्षेत्र में PWD द्वारा करोड़ों की लागत से बनाई गई सड़क कुछ ही सालों में उखड़ कर गड्ढों में तब्दील हो गई। सवाल उठ रहा है कि जब सड़क का निर्माण 5.62 करोड़ रुपये की लागत से किया गया, तो यह इतनी जल्दी क्यों खराब हुई।

सड़क की हकीकत
आपको बता दें कि इस सड़क का निर्माण वर्ष 2020 में किया गया था, जिसमें कुल 5,62,80,000 की लागत आई थी। इस सड़क की कुल लंबाई 6.45 कि.मी. है। लेकिन इस सड़क की जमीनी हकीकत ये है कि ये सड़क कई जगहों से उखड़ चुकी है, डामर उतर चुका है और गिट्टी बिखरी पड़ी है। विशेषज्ञों का कहना है कि डामर की सड़क कम से कम 8–10 साल तक चलनी चाहिए। यहां कुछ ही साल में हाल बेहाल है।

PunjabKesari, Sivni, Road Scam, MP Corruption, PWD Scam, Madhya Pradesh News, Infrastructure Scam, Road Construction Fraud, Public Money, Government Corruption, Accountability

सड़क निर्माण पर उठ रहे सवाल?
सड़क की दुर्दशा देख अब ये सवाल उठ रहे हैं, कि क्या सड़क निर्माण में घटिया क्वॉलिटी इस्तेमाल की गई? क्या ठेकेदार ने सरकारी पैसों के साथ खेल किया? विभाग ने निगरानी क्यों नहीं की? जब इस मामले में PWD के SDO से जानकारी लेने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन पर जानकारी देने से साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, शिकायतों के बावजूद संबंधित विभाग और ठेकेदार दोनों मौन हैं। ऐसे में सवाल उठता है, कि करोड़ों की सरकारी राशि पानी में गई या जेबों में।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें