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सरपंच फोन पर कर रहे थे बात, तभी पैरों के पास फुफकारने लगा 5 फीट लंबा रसेल वाइपर, सिटी की आवाज सुन बची जान

Satna Snack News :एमपी में सतना जिले की बाबूपुर पंचायत के सरपंच रामकेश अहिरवार उर्फ राहुल शुक्रवार को उस वक्त मौत को ...

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| सतना टाइम्स

Satna Snack News :एमपी में सतना जिले की बाबूपुर पंचायत के सरपंच रामकेश अहिरवार उर्फ राहुल शुक्रवार को उस वक्त मौत को मात देकर बाल-बाल बच गए है, जब उनके पैरों के पास साढ़े 4 फीट लंबा दुनिया का सबसे विषैला सांप रसेल वाइपर आ पहुंचा है। सरपंच एक पेड़ के नीचे खड़े होकर फोन पर बात करने में इतने मशगूल थे कि उन्हें पता ही नहीं चला कि मौत उनसे महज कुछ इंच की दूरी पर है।

मामला शुक्रवार सुबह का है। जानकारी के अनुसार, सरपंच रामकेश अहिरवार अपने कार्यालय के बाहर एक पेड़ के नीचे खड़े होकर मोबाइल पर किसी से बात कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें अपने पास से कुकर की सीटी जैसी तेज आवाज सुनाई दी। जब उन्होंने आवाज की दिशा में नीचे देखा तो उनके होश उड़ गए।उनके पैरों के ठीक बगल में एक विशालकाय सांप फुफकार रहा था और उन पर हमला करने की तैयारी में था। सांप को देखते ही सरपंच ने बिना एक पल गंवाए दौड़ लगा दी और अपनी जान बचाई है।

सर्पमित्र ने किया रेस्क्यू

सरपंच के साथ हुए इस खौफनाक वाक्य की सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई। विभाग ने मौके पर सर्पमित्र शंखधर तिवारी को भेजा। सर्पमित्र ने बेहद सावधानी से 10 से 15 मिनट में सांप को पकड़ा। उन्होंने बताया कि यह अत्यधिक जहरीला रसेल वाइपर है, जिसका जहर इंसान के खून को जमा देता है और इसका काटा हुआ व्यक्ति बिना इलाज के कुछ ही घंटों में दम तोड़ देता है।

सीटी जैसे आवाज निकलता है रसल वाइपर

सर्पमित्र ने बताया कि रसेल वाइपर जब गुस्से में होता है तो अपने शरीर में हवा भरकर उसे तेजी से बाहर छोड़ता है, जिससे कुकर की सीटी जैसी आवाज निकलती है। इसी आवाज ने सरपंच के लिए अलर्ट का काम किया और उनकी जान बच गई। बाद में सर्पमित्र ने सांप को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया।

कितना खतरनाक है रसैल वाइपर!

रसैल वाईपर सांप का शरीर मोटा और भारी होता है। इसकी लंबाई करीब 3 से 4 फीट तक हो सकती है।रसैल वाइपर भारत के चार सबसे ज़हरीले सांपों में से एक है। इसके काटने से खून तुरंत जमना शुरू हो जाता है, तेज़ दर्द, सूजन और चक्कर आने लगते हैं। अगर समय पर इलाज न मिले तो 30 से 60 मिनट में मौत तक हो सकती है। इसके दांत इतने नुकीले होते हैं कि हड्डियों तक पहुंच जाते हैं और शरीर धीरे-धीरे सुन्न पड़ जाता है।

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