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6 माह की गर्भवती गाय के पेट से निकला 15 KG प्लास्टिक-तार, डॉक्टरों ने 2 घंटे के जटिल ऑपरेशन से बचाई जान!

सतना के पशु चिकित्सकों ने ‘रुमेनोटॉमी’ कर गाय और गर्भस्थ बछड़े दोनों को दिया नया जीवन; पशुपालक की मार्मिक अपील सतना, मध्य ...

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| सतना टाइम्स

सतना के पशु चिकित्सकों ने ‘रुमेनोटॉमी’ कर गाय और गर्भस्थ बछड़े दोनों को दिया नया जीवन; पशुपालक की मार्मिक अपील

सतना, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के सतना जिले में पशु चिकित्सालय के डॉक्टरों ने शुक्रवार को एक अद्भुत और बेहद चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। 10 वर्षीय एक गर्भवती गाय के पेट (आमाशय) से डॉक्टरों ने 15 किलोग्राम से अधिक पॉलीथिन, प्लास्टिक, रस्सी और लोहे के तार का जानलेवा कचरा बाहर निकाला। इस जटिल ‘रुमेनोटॉमी’ (Rumenotomy) ऑपरेशन के बाद न केवल गाय की जान बची, बल्कि उसके गर्भ में पल रहे छह माह के बछड़े को भी जीवनदान मिला है।

छह माह से ‘अफरा’ की समस्या

सिजहटा निवासी पशुपालक नीरज कुमार द्विवेदी ने बताया कि उनकी गाय पिछले छह महीनों से ‘अफरा’ (पेट फूलना) की गंभीर समस्या से पीड़ित थी। स्थानीय इलाज और दवाइयों का भी कोई असर नहीं हो रहा था। गाय ने खाना-पीना लगभग बंद कर दिया था, जिससे उसका वजन तेजी से गिर रहा था।

स्थिति गंभीर होने पर नीरज द्विवेदी गाय को लेकर जिला पशु चिकित्सालय पहुंचे, जहां पशु चिकित्सक डॉ. वृहस्पति भारती ने जांच की। जांच में पता चला कि गाय के आमाशय में भारी मात्रा में ऐसा कचरा जमा हो गया है, जिसे वह पचा नहीं पा रही थी, जिससे उसका पाचन तंत्र पूरी तरह जाम हो गया था। डॉ. भारती ने तत्काल रुमेनोटॉमी’ ऑपरेशन ही एकमात्र विकल्प बताया।

2 घंटे का चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन

यह ऑपरेशन इसलिए भी अत्यधिक चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि गाय छह माह की गर्भवती थी। डॉक्टरों की टीम के सामने मां के साथ-साथ गर्भस्थ बछड़े की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी बड़ी जिम्मेदारी थी।

शुक्रवार को डॉ. वृहस्पति भारती और उनकी टीम ने लगभग दो घंटे तक यह जटिल ऑपरेशन किया। एनेस्थीसिया देकर जब गाय का आमाशय खोला गया, तो अंदर 15 किलो से अधिक पॉलीथिन बैग, प्लास्टिक के टुकड़े, रस्सियां और लोहे के तार भरे थे। इसी कचरे के कारण गाय तड़प रही थी और उसका जीवन खतरे में था।

मां और बछड़ा दोनों सुरक्षित

ऑपरेशन की सफलता की जानकारी देते हुए डॉ. भारती ने बताया कि विशेष सावधानी बरतने के कारण गाय और गर्भस्थ बछड़ा, दोनों पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर हैं।

पशुपालक नीरज द्विवेदी ने डॉक्टरों की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लोगों से मार्मिक अपील की है कि वे अपने पशुओं को प्लास्टिक खाने से बचाएं और उनके आसपास या चारे में प्लास्टिक का कचरा न फेंकें, क्योंकि यह उनके जीवन के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

 

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें