छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा-नागपुर मार्ग पर गुरुवार शाम एक भीषण सड़क हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई। छिंदवाड़ा पुलिस लाइन में आयोजित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सम्मेलन से लौट रही एक यात्री बस, सिमरिया के पास लहसुन से भरी तेज रफ्तार पिकअप से टकराकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में 3 महिलाओं और 1 बच्चे समेत 10 लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
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न्यूज़ हेडलाइंस
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भीषण टक्कर: सिमरिया के पास पिकअप से भिड़ी बस; बस ड्राइवर की भी मौके पर मौत।
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चीख-पुकार: हादसे में एक मासूम बच्चे और महिला का हाथ कटकर अलग हुआ; रोंगटे खड़े करने वाला मंजर।
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इमरजेंसी रिस्पॉन्स: 5 घायलों की हालत नाजुक, एक को तत्काल नागपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
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सीएम की घोषणा: मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख और घायलों को 1-1 लाख रुपये की सहायता राशि।
कैसे हुआ हादसा? “ओवरटेक का घातक प्रयास”
हादसा शाम करीब 7:00 बजे हुआ जब बस (MP28 P 0321) मोहखेड़ ब्लॉक की करेर पंचायत के लोगों को लेकर लौट रही थी।
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टक्कर की तीव्रता: छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायण के अनुसार, हादसा ओवरटेक करने की कोशिश के दौरान हुआ। पिकअप और बस की भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि बस के परखच्चे उड़ गए और वह सड़क किनारे पलट गई।
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बचाव कार्य: मौके पर मौजूद ग्रामीणों और पुलिस ने बस में फंसे घायलों को बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।
अस्पताल में मातम: अपनों को ढूंढते बदहवास परिजन
हादसे की खबर मिलते ही जिला अस्पताल के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई।
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मृतकों का विवरण: मरने वालों में 6 पुरुष, 3 महिलाएं और एक बच्चा शामिल है।
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गंभीर चोटें: अस्पताल के स्टाफ के अनुसार, कई घायलों के सिर और सीने में गंभीर चोटें आई हैं।
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प्रशासनिक मुस्तैदी: कलेक्टर और एसपी ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक, निःशुल्क इलाज के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं:
“छिंदवाड़ा-नागपुर रोड पर हुई दुर्घटना हृदय विदारक है। मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये और गंभीर घायलों को 1-1 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। सभी घायलों का इलाज पूरी तरह निःशुल्क होगा।”
स्वास्थ्य विभाग ने भोपाल में एक विशेष कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है, जो घायलों के उपचार की पल-पल की मॉनिटरिंग कर रहा है।
सिस्टम पर सवाल: ‘अनफिट’ बस कैसे पहुँची कार्यक्रम में?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस बस का एक्सीडेंट हुआ, उसका फिटनेस और बीमा लंबे समय से लंबित था। सवाल उठ रहे हैं कि प्रशासनिक कार्यक्रम में यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए ऐसी बस का अधिग्रहण कैसे किया गया?








