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इंदौर जल त्रासदी: मासूम अव्यान की मौत के बाद अब मां भी ‘जहरीले पानी’ की शिकार; मौतों का आंकड़ा 17 पर पहुंचा, 142 मरीज अब भी भर्ती

इंदौर (मध्य प्रदेश): स्वच्छता में मिसाल पेश करने वाले इंदौर का भागीरथपुरा इलाका इस वक्त मातम और बीमारी के साये में है। ...

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| सतना टाइम्स

इंदौर (मध्य प्रदेश): स्वच्छता में मिसाल पेश करने वाले इंदौर का भागीरथपुरा इलाका इस वक्त मातम और बीमारी के साये में है। नगर निगम की पाइपलाइन में सीवेज का पानी मिलने से फैली इस महामारी ने अब तक 17 लोगों की जान ले ली है। जिस 6 महीने के मासूम अव्यान की मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था, अब उसकी मां भी उसी दूषित पानी के संक्रमण का शिकार होकर अस्पताल पहुंच गई हैं।

Indore

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मासूम अव्यान की मौत के गम से परिवार अभी उबरा भी नहीं था कि उसकी मां को गंभीर उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद आरोग्यम स्वास्थ्य केंद्र ले जाना पड़ा। परिजनों ने स्वास्थ्य अमले पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र पर समय पर उचित ध्यान नहीं दिया गया। एक ही परिवार के दो सदस्यों का इस तरह संक्रमण की चपेट में आना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

अस्पतालों की स्थिति: ICU में अब भी जंग जारी

दूषित पानी के कहर से अब तक कुल 398 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराए जा चुके हैं:

  • वर्तमान स्थिति: 142 मरीजों का इलाज अभी जारी है, जबकि 256 को डिस्चार्ज किया जा चुका है।

  • बॉम्बे हॉस्पिटल: यहाँ 7 मरीज अब भी ICU में डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में हैं। 4 मरीजों की हालत में सुधार होने पर उन्हें जनरल वार्ड में शिफ्ट किया गया है।

ग्राउंड जीरो पर स्वास्थ्य विभाग का मेगा सर्वे

सीएमएचओ डॉ. माधव हसनी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाके में मोर्चा संभाल रखा है:

सिस्टम की सबसे बड़ी नाकामी

जांच में पाया गया है कि भागीरथपुरा में पेयजल लाइन के ठीक ऊपर बने एक सार्वजनिक शौचालय के सीवेज का रिसाव पाइपलाइन में हो रहा था। इसी गंदगी मिले पानी को पीने से लोग ‘हैजा’ और ‘गैस्ट्रोएंटेराइटिस’ जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ गए। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कई अधिकारियों पर गाज गिर चुकी है, लेकिन पीड़ितों का दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

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