Friday, June 14, 2024
Google search engine
Homeलाइफस्टाइलFriendship Marriage : ना बच्चों की चिंता, ना घर की जिम्मेदारियों की...

Friendship Marriage : ना बच्चों की चिंता, ना घर की जिम्मेदारियों की टेंशन; इस देश मे बढ़ रहा Friendship Marriage का ट्रेंड

जापानी युवाओं के बीच फ्रेंडशिप मैरिज बहुत ट्रेंड कर रहा है. नई जनरेशन ने बच्चे और घरी जिम्मेदारी से बचने के लिए ट्रेडिशनल मैरिज का तोड़ के रूप में फ्रेंडशिप मैरिज का कॉन्सेप्ट निकाला है. फ्रेंडशिप मैरिज में स्पेशलाइज्ड एजेंसी कलरस द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2015 के बाद से करीब 500 लोगों ने फ्रेंडशिप मैरिज किया है. इसमें पति-पत्नी का रिश्ता दूसरी शादियों से बिल्कुल अलग होता है.

Friendship Marriage

यह शादी जीवनसाथी जो एक-दूसरे के दुख-सुख में साथ खड़े होने के लिए बाध्य होते हैं, इससे बिल्कुल अलग दोस्ती पर आधारित होता है. इस मैरिज को ट्रेंड को ठीक से समझना है तो इस लेख को पूरा जरूर पढ़ें-

फ्रेंडशिप मैरिज क्या होता है?

फ्रेंडशिप मैरिज में कपल कानूनी रूप से शादीशूदा होते हैं. लेकिन उनके बीच किसी तरह का इमोशनल या फिजिकल अटैचमेंट नहीं होता है. ये कपल आपसी सम्मान, मूल्यों, खर्चों, भावनात्मक समर्थन और स्थिरता पर आधारित साथ में जीवन बिताने का फैसला करते हैं. कपल एक साथ बच्चा पैदा करना चुन भी सकते हैं और नहीं भी. आसान भाषा में इस शादी में पति-पत्नी जीवनसाथी नहीं बल्कि एकमात्र रूममेट होते हैं.

इन लोगों को खूब पसंद आ रहा ये ट्रेंड

30 उम्र कर चुके ज्यादा कमाई करने वाले लोगों में यह ट्रेंड यह काफी पसंद किया जा रहा है. इसके अलावा वे लोग जो रोमांटिक या यौन आकर्षण का अनुभव नहीं करते हैं, जिनमें अलैंगिक और एलजीबीटीक्यू+ लोग शामिल हैं. महंगाई और जॉब इनसिक्योरिटी भी फ्रेंडशिप मैरिज के फेमस होने के पीछे का अन्य कारण बताए जाते हैं.

फ्रेंडशिप मैरिज की खासियत

एक साथ या अलग-अलग रहने का फैसला करना आसान, गोद लेने जैसे माध्यमों से बच्चे पैदा करने का विकल्प, पारंपरिक विवाह की बाधाओं के बाहर सपोर्टिव पार्टनरशिप, विवाह से पहले भविष्य के पहलुओं पर चर्चा करने के लिए काफी समय मिल जाता है.

सतना टाइम्स न्यूज डेस्क
सतना टाइम्स न्यूज डेस्कhttps://satnatimes.in/
हमारी नजर में आम आदमी की आवाज जब होती है बेअसर तभी बनती है बड़ी खबर। पूरब हो या पश्चिम, उत्तर हो या दक्षिण सियासत का गलियारा हो या गांव गलियों का चौबारा हो. सारी दिशाओं की हर बड़ी खबर, खबर के पीछे की खबर और एक्सक्लूसिव विश्लेषण का ठिकाना है satnatimes.in सटीक सूचना के साथ उसके सभी आयामों से अवगत कराना ही हमारा लक्ष्य है। Satna Times को आप फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, यूट्यूब पर भी देख सकते है। Contact Us – info@satnatimes.in Email - satnatimes1@gmail.com
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments