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VOTER SCAM? भोपाल की नरेला सीट पर दिग्विजय सिंह का बड़ा खुलासा; एक ही मकान में 40-40 वोटर, निर्वाचन आयोग को सौंपे शपथपत्र

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भोपाल की नरेला विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची की शुद्धता पर गंभीर सवाल ...

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| सतना टाइम्स

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भोपाल की नरेला विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची की शुद्धता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा को सौंपे गए सबूतों में दावा किया है कि नरेला के करोंद स्थित रतन कॉलोनी में कई मकानों में रहने वाले लोग तो मुट्ठी भर हैं, लेकिन कागजों में वहां दर्ज वोटरों की संख्या हैरान करने वाली है।

 शपथपत्रों ने खोली ‘फर्जी’ वोटरों की पोल

दिग्विजय सिंह ने रतन कॉलोनी के कई मकान मालिकों के शपथपत्र आयोग को सौंपे हैं, जिनमें चौंकाने वाले अंतर सामने आए हैं:

  • मकान नंबर 21 (हमीर सिंह यादव): असल में घर में केवल 4 वैध वोटर रहते हैं, लेकिन आधिकारिक मतदाता सूची में वहां 40 नाम दर्ज हैं।

  • मकान नंबर 10 (कमलेश कुमार गुप्ता): इनके पते पर 36 नाम जुड़े हैं, जबकि घर के वास्तविक सदस्य मात्र 8 हैं।

  • मकान नंबर 2 (पोखन लाल साहू): यहाँ परिवार के 7 सदस्य हैं, मगर सरकारी रिकॉर्ड में वोटरों की संख्या 37 दिखाई गई है।

SIR प्रक्रिया और अधिकारियों पर गंभीर आरोप

दिग्विजय सिंह का सीधा हमला निर्वाचन विभाग की SIR (Special Identity Review) प्रक्रिया पर है।

दिग्विजय सिंह का तीखा हमला

“जब मकान मालिक खुद लिखित में दे रहे हैं कि उनके पते पर दर्ज इन लोगों को वे पहचानते तक नहीं, तो फिर ये नाम सूची में कैसे बने हुए हैं? यह लोकतंत्र के साथ गंभीर धोखाधड़ी है और चुनाव की निष्पक्षता पर सवालिया निशान है।”

दिग्विजय सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री

निर्वाचन आयोग का रुख: ‘होगी विधिक जांच’

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए विधिक जांच का आश्वासन दिया है।

  • कार्रवाई: उन्होंने स्पष्ट किया कि फर्जी नामों को हटाने के लिए ‘फॉर्म-7’ के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

  • जवाबदेही: जांच रिपोर्ट के आधार पर उन निचले स्तर के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी जिन्होंने सत्यापन में लापरवाही बरती है।

मामला: एक नज़र में 

  1. विधानसभा: नरेला (भोपाल)।

  2. विवादित क्षेत्र: करोंद की रतन कॉलोनी।

  3. गड़बड़ी: एक मकान में 4 से 8 असली सदस्यों की जगह 36 से 40 वोटरों के नाम दर्ज।

  4. सबूत: मकान मालिकों के हस्ताक्षरित शपथपत्र।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

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