भोपाल। राजधानी के आनंद नगर स्थित लक्ष्मी अस्पताल में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों और परिचितों ने अस्पताल परिसर को निशाना बनाया। आक्रोशित भीड़ ने न केवल अस्पताल में तोड़फोड़ की, बल्कि बीच-बचाव करने पहुंची पुलिस टीम पर भी पथराव कर दिया।
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मामूली पेट दर्द से शुरू हुआ मामला
जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात लक्ष्मण नामक व्यक्ति को पेट में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि भर्ती के वक्त मरीज की हालत गंभीर थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उचित ध्यान नहीं दिया। बुधवार को इलाज के दौरान लक्ष्मण ने दम तोड़ दिया।
लापरवाही का आरोप और भारी हंगामा
मरीज की मौत की खबर मिलते ही परिजन भड़क उठे। उनके गंभीर आरोप हैं कि:
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इलाज में देरी: अस्पताल प्रबंधन ने मरीज को अटेंड करने में काफी समय बर्बाद किया।
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स्टाफ की कमी: हंगामे के दौरान परिजनों ने दावा किया कि अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ मौजूद नहीं था।
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लापरवाही: गलत इलाज या समय पर उपचार न मिलने को ही मौत की मुख्य वजह बताया जा रहा है।
पुलिस पर पथराव, जवान हुए घायल
हंगामे की सूचना मिलते ही जब स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, तो भीड़ का गुस्सा पुलिस पर उतर आया।
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पथराव: प्रदर्शनकारियों ने पुलिस टीम पर पत्थर फेंके, जिसमें एक पुलिस जवान को गंभीर चोटें आई हैं।
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भारी बल तैनात: स्थिति को बिगड़ता देख शहर के अन्य थानों से अतिरिक्त पुलिस फोर्स बुलाई गई। पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया और कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया है।
कानूनी कार्रवाई जारी
पुलिस ने अस्पताल में तोड़फोड़ करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने (पुलिस पर हमला) के मामले में कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। वहीं, मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि मौत के सटीक कारणों का पता चल सके।
निष्कर्ष: निजी अस्पतालों पर उठते सवाल
भोपाल में निजी अस्पतालों की लापरवाही और उसके बाद होने वाले हंगामे के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि प्रशासनिक नियंत्रण की कमी के कारण आम आदमी को अक्सर ऐसी त्रासदियों का सामना करना पड़ता है








