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रीवा: नशे के सौदागरों से ‘सांठगांठ’ पड़ी भारी; सेमरिया थाना प्रभारी समेत 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड, आरोपियों को थाने से बिना कार्रवाई छोड़ने का आरोप

रीवा। जिले के सेमरिया थाने में नशीली दवाओं की तस्करी के मामले में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल और दंडात्मक कार्रवाई देखने को ...

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| सतना टाइम्स

रीवा। जिले के सेमरिया थाने में नशीली दवाओं की तस्करी के मामले में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल और दंडात्मक कार्रवाई देखने को मिली है। रीवा एसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान ने कर्तव्य में लापरवाही और संदिग्ध भूमिका पाए जाने पर सेमरिया थाना प्रभारी विकास कपीस, विवेचक रामयश रावत और आरक्षक सुजीत शर्मा को सस्पेंड कर दिया है। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने मुख्य आरोपियों की निशानदेही पर पकड़े गए दो संदेहियों को कानूनी कार्रवाई करने के बजाय थाने से ही रफा-दफा कर छोड़ दिया था।

न्यूज़ हेडलाइंस 

  • खाकी पर दाग: एनडीपीएस एक्ट के मामले में संदेहियों को छोड़ने पर गिरी गाज।

  • एसपी का एक्शन: थाना प्रभारी विकास कपीस समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित, लाइन अटैच।

  • जांच में खुलासा: एसडीओपी की जांच रिपोर्ट में शिकायत सही पाई गई, थानेदार की भूमिका मिली संदिग्ध।

  • नशीली गोलियों का जाल: सतना के सप्लायरों को पकड़कर बिना रिकॉर्ड के छोड़ने का है मामला।


क्या है पूरा मामला? 

सेमरिया पुलिस ने हाल ही में भारी मात्रा में नशीली टैबलेट के साथ दो आरोपियों, राहुल सिंह और संदीप सिंह को गिरफ्तार किया था (अपराध क्रमांक 122/26)।

  1. मेमोरेंडम कथन: पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्हें यह नशीली खेप सतना जिले के अबेर गांव निवासी अभिषेक सिंह और अमित सिंह ने उपलब्ध कराई थी।

  2. संदिग्ध ‘रिलीज’: इस जानकारी के आधार पर सेमरिया पुलिस की टीम सतना पहुँची और दोनों सप्लायरों को उठाकर थाने लाई। लेकिन, आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने या उन्हें जेल भेजने के बजाय, पुलिसकर्मियों ने आपसी सांठगांठ कर उन्हें थाने से ही छोड़ दिया।

शिकायत और उच्चस्तरीय जांच

जब यह मामला रीवा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में आया, तो हड़कंप मच गया।

  • एसडीओपी की जांच: एसपी के निर्देश पर एसडीओपी से पूरे मामले की प्रारंभिक जांच कराई गई।

  • पुष्टि: जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पकड़े गए संदेहियों को रिकॉर्ड पर लिए बिना छोड़ दिया गया था, जो कि नियमों का खुला उल्लंघन और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।


प्रशासनिक रुख: “भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं”

रीवा एसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा:

“एनडीपीएस मामले के संदेहियों को थाने लाकर बिना कार्रवाई के छोड़ना गंभीर लापरवाही है। प्रारंभिक जांच में थाना प्रभारी और अन्य कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिसके आधार पर उन्हें निलंबित कर लाइन हाजिर किया गया है। आगे की विस्तृत जांच जारी है।”


निलंबित पुलिसकर्मियों की सूची:

  1. विकास कपीस (थाना प्रभारी, सेमरिया)

  2. रामयश रावत (विवेचक/जांच अधिकारी)

  3. सुजीत शर्मा (आरक्षक)


खबर का सारांश 

  • थाना: सेमरिया, जिला रीवा (मप्र)।

  • मामला: नशीली गोलियों (NDPS Act) की तस्करी।

  • कारण: मुख्य सप्लायरों को बिना कार्रवाई के रिहा करना।

  • कार्रवाई: तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड और लाइन अटैच।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें