Bhopal News :देशभर में जीएसटी 2.0 (GST 2.0) लागू हो चुका है और इसके नए टैक्स स्लैब का असर आम जनता की जेब पर दिखना शुरू हो गया है। केंद्र सरकार का दावा है कि नई दरों से रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी और त्योहारों से पहले उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, मध्य प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे पर जमकर घमासान छिड़ गया है।

भाजपा का दावा- जनता को राहत
भाजपा नेताओं का कहना है कि जीएसटी 2.0 गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ा तोहफा है। उनके मुताबिक, नई दरों का सीधा फायदा बाजार और उपभोक्ताओं को मिलेगा। भाजपा प्रवक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार लगातार आमजन के जीवन को आसान बनाने और महंगाई पर नियंत्रण की दिशा में काम कर रही है।
कांग्रेस का पलटवार- पहले छीना, अब माफी मांगो
दूसरी ओर, कांग्रेस ने इसे भाजपा सरकार का ‘चुनावी हथकंडा’ करार दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि मोदी सरकार ने आखिरकार यह स्वीकार कर लिया कि राहुल गांधी सही कह रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सालों तक गरीबों और मध्यमवर्ग की जेब से पैसा निकालकर उद्योगपतियों की तिजोरी भरी और अब चुनावी माहौल में राहत देने का नाटक कर रही है।पटवारी ने तंज कसते हुए कहा, “सरकार को गरीबों का पैसा छीनकर अमीरों को देने की आदत पड़ चुकी है। अब जनता से माफी मांगी जानी चाहिए।”
सीएम मोहन यादव पर भी निशाना
जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी सवालों के घेरे में लिया। उन्होंने कहा कि जब पहले जीएसटी की दरें बढ़ाई गई थीं, तब सीएम जनता के बीच क्यों नहीं गए? अब जब दरें घटाई गई हैं, तो वह इसे उपलब्धि की तरह पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में टैक्स व्यवस्था और भ्रष्टाचार आम नागरिक को परेशान कर रहा है, लेकिन सरकार विपक्ष की बात सुनने को तैयार नहीं है।
त्योहार से पहले राजनीतिक गर्मी
त्योहारों के मौसम में जहां केंद्र सरकार नई जीएसटी दरों को जनता के लिए राहत बताकर अपनी पीठ थपथपा रही है, वहीं विपक्ष इसे जनता की मजबूरी और सरकार की नाकामी से जोड़ रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा मध्य प्रदेश की राजनीति में और ज्यादा गरमा सकता है।







