भोपाल। झीलों की नगरी भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर अब लैंडिंग और टेक-ऑफ के समय होने वाली अफरा-तफरी इतिहास बनने जा रही है। एयरपोर्ट प्रशासन ने टर्मिनल बिल्डिंग के ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव करते हुए इसे दो मंजिला (Two-Storey) स्वरूप दे दिया है। अब अराइवल और डिपार्चर के लिए अलग-अलग फ्लोर होंगे, जिससे यात्रियों को दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े महानगरों के एयरपोर्ट जैसा सुगम अनुभव मिलेगा।

न्यूज़ हेडलाइंस
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ट्रैफिक जाम का अंत: अराइवल और डिपार्चर के लिए अब होंगे अलग-अलग फ्लोर।
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बढ़ी क्षमता: पुराने टर्मिनल की 1200 यात्रियों की क्षमता अब बढ़कर 2600 हुई।
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सुपरफास्ट चेक-इन: काउंटर्स की संख्या 14 से बढ़ाकर सीधे 32 कर दी गई।
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सुरक्षा में तेजी: 2 के बजाय अब 8 एक्स-रे मशीनें संभालेंगी सिक्योरिटी क्लियरेंस का जिम्मा।
बॉटलनेक से छुटकारा: फ्लोर-वाइज हुआ बंटवारा
अभी तक राजा भोज एयरपोर्ट पर एक ही फ्लोर से यात्रियों के आने-जाने के कारण पीक ऑवर्स में भारी जाम की स्थिति बनती थी।
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नया सिस्टम: एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी के अनुसार, अब अराइवल हॉल को ग्राउंड फ्लोर पर शिफ्ट किया गया है, जबकि डिपार्चर की प्रक्रिया ऊपरी फ्लोर से संचालित होगी।
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फायदा: इससे एक साथ 2-3 फ्लाइट्स लैंड होने पर भी बाहर गाड़ियों और लोगों का जमावड़ा नहीं लगेगा और पैसेंजर फ्लो पूरी तरह स्मूथ रहेगा।
चेक-इन से सिक्योरिटी तक, सब कुछ ‘रफ्तार’ में
यात्रियों का समय बचाने के लिए एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे में भारी निवेश किया गया है:
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चेक-इन काउंटर्स: भीड़ को देखते हुए काउंटर्स की संख्या दोगुनी से भी ज्यादा (32) कर दी गई है।
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सिक्योरिटी चेक: एक्स-रे मशीनों की संख्या 4 गुना बढ़ाकर 8 कर दी गई है, जिससे सुरक्षा जांच में लगने वाला समय न्यूनतम हो जाएगा।
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वर्ल्ड क्लास एंबिएंस: नए डिजाइन के साथ टर्मिनल के भीतर यात्रियों के बैठने और घूमने के लिए अधिक जगह (Spacious) बनाई गई है।
बढ़ते हवाई सफर के लिए भविष्य की तैयारी
भोपाल में हवाई यात्रियों की संख्या में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए यह अपग्रेड अनिवार्य था।
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क्षमता में दोगुना उछाल: अब यह एयरपोर्ट एक साथ 2600 यात्रियों को संभालने में सक्षम है।
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सुरक्षा मानक: आधुनिक मशीनों और अलग फ्लोर सिस्टम से न केवल समय बचेगा, बल्कि सुरक्षा निगरानी भी पहले से अधिक कड़ी और प्रभावी होगी।








