Youtube : भारत की डिजिटल दुनिया में जल्द ही एक बड़ा परिवर्तन होने जा रहा है। गूगल के स्वामित्व वाला वीडियो प्लेटफ़ॉर्म यूट्यूब अब देश में ऐसा फीचर लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है, जिसके जरिए ग्रामीण और शहरी दर्शकों को अलग-अलग विज्ञापन दिखाए जाएंगे। इस पहल के साथ ही प्लेटफ़ॉर्म पर क्रिएटर पार्टनरशिप्स हब और एआई आधारित पीक प्वॉइंट्स जैसे फीचर भी जोड़े जाएंगे।

गूगल इंडिया की ब्रांड सॉल्यूशंस हेड शुभा पई के मुताबिक, “पहली बार विज्ञापनदाता यूट्यूब पर गांव और शहर के दर्शकों को अलग-अलग टारगेट कर पाएंगे। यह सुविधा फिलहाल टीवी या किसी भी ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध नहीं है और खासतौर पर भारत जैसे विविध उपभोक्ता आधार वाले देश के लिए तैयार की गई है।”
शहरी–ग्रामीण विज्ञापन टारगेटिंग
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह सबसे बड़ा बदलाव होगा। अब विज्ञापनदाता ग्रामीण और शहरी दर्शकों के लिए अलग-अलग विज्ञापन चला सकेंगे। एक बड़ी FMCG कंपनी ने गांवों में इसका ट्रायल किया और बेहद सकारात्मक नतीजे मिले।यूट्यूब का दावा है कि भारत में 18 साल से अधिक उम्र के लोग हर दिन औसतन 72 मिनट यूट्यूब पर बिताते हैं। अप्रैल 2025 तक, देश में 7.5 करोड़ से ज्यादा लोग कनेक्टेड टीवी (CTV) के जरिए यूट्यूब देख रहे थे। यह नया फीचर ग्रामीण इलाकों में डिजिटल पहुंच को और मजबूत करेगा।
क्रिएटर पार्टनरशिप्स हब और एआई टूल्स
गूगल इस साल के अंत तक क्रिएटर पार्टनरशिप्स हब भी लॉन्च करने की योजना में है। यह ब्रांड्स और कंटेंट क्रिएटर्स के बीच सहयोग को आसान बनाएगा। इससे पार्टनरशिप ऐड्स और स्पॉन्सर्ड वीडियोज़ के लिए खोज और बेहतर होगी।शुरुआत में स्विगी इंस्टामार्ट और कई FMCG कंपनियों ने गूगल के एआई टूल्स का इस्तेमाल करते हुए भारतीय भाषाओं में कैंपेन तैयार किए, जो हफ्तों का काम सिर्फ कुछ घंटों में पूरा कर पाए।
यूट्यूब शॉर्ट्स और CTV की ग्रोथ
जून 2025 तक भारत में यूट्यूब शॉर्ट्स के 650 मिलियन मासिक लॉग-इन दर्शक हो गए। वहीं, यूट्यूब CTV पर देखे जाने वाले कंटेंट का 50% से ज्यादा हिस्सा 21 मिनट से लंबा होता है।खास बात यह है कि भारत में शॉर्ट्स की CTV पर व्यूअरशिप हर साल दोगुनी हो रही है।







