भोपाल। मध्य प्रदेश में इस साल वक्त से पहले गर्मी ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अप्रैल और मई के महीनों में गर्मी के सारे पुराने रिकॉर्ड टूट सकते हैं। मंगलवार को नर्मदापुरम में दिन का तापमान 36.7°C दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। पचमढ़ी और अमरकंटक जैसे हिल स्टेशंस को छोड़कर बाकी सभी शहरों में पारा 31°C के पार जा चुका है।
![]()
इन इलाकों में सबसे ज्यादा खतरा
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र (पूर्वी मध्य प्रदेश) सबसे ज्यादा तपेंगे।
-
लू (Heatwave) का केंद्र: रीवा, सतना, छतरपुर और पन्ना जैसे जिलों में तापमान 46°C तक पहुंच सकता है।
-
अर्बन हीट आइलैंड: भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में कंक्रीट के जंगलों के कारण रातें भी सामान्य से अधिक गर्म रहेंगी। भोपाल में न्यूनतम तापमान 28°C के पार जाने की आशंका है।
बिजली और पानी का संकट
रिटायर्ड मौसम विज्ञानी डॉ. शैलेंद्र नायक के अनुसार, इस भीषण गर्मी का सीधा असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा:
-
बिजली: एसी और कूलरों के बढ़ते इस्तेमाल से बिजली की मांग 15-25% तक बढ़ सकती है।
-
कृषि: अचानक बढ़ी गर्मी से रबी की फसलें वक्त से पहले पक सकती हैं, जिससे उनकी गुणवत्ता और दाने के आकार पर बुरा असर पड़ेगा।
प्रमुख शहरों का तापमान (3 मार्च 2026)
| शहर/इलाका | अधिकतम तापमान (°C) |
| नर्मदापुरम | 36.7°C |
| भैरूंदा (सीहोर) | 35.3°C |
| भोपाल (बेरसिया) | 35.2°C |
| खजुराहो | 35.2°C |
| खरगोन | 35.0°C |
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी
बढ़ते तापमान और हीट स्ट्रोक (लू लगना) की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग जल्द ही गाइडलाइन जारी करने वाला है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि:
-
दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें।
-
शरीर में पानी की कमी न होने दें और हल्के सूती कपड़े पहनें।
-
वोल्टेज फ्लक्चुएशन से बचने के लिए बिजली के उपकरणों का सावधानी से उपयोग करें।








