भोपाल, मध्य प्रदेश: दिवाली और भाई दूज के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना की 29वीं किस्त जारी होने वाली है, जो इस बार और भी खास होगी। सरकार ने पात्र लाड़ली बहनों को ₹1250 की जगह ₹1500 ट्रांसफर करने का ऐलान किया है, जिससे प्रदेश की महिलाओं की खुशी दोगुनी हो गई है। हालांकि, इस खुशखबरी के बीच कुछ महिलाओं के लिए मायूसी की खबर भी है – अक्टूबर माह में कई लाड़ली बहनों के खाते में ये बढ़ी हुई राशि नहीं पहुंच पाएगी।

किन महिलाओं को नहीं मिलेगा ₹1500 का लाभ?
इस बार कुछ लाड़ली बहनों को योजना का लाभ न मिलने के पीछे कुछ मुख्य कारण सामने आए हैं:
- ई-केवाईसी सत्यापन में समग्र आईडी डिलीट होना:यह एक हैरान करने वाला कारण सामने आया है। कई महिलाओं की समग्र आईडी ई-केवाईसी सत्यापन के दौरान डिलीट कर दी गई है, जबकि उनकी आईडी पहले से ही पूरी तरह से सत्यापित थी। इस तकनीकी त्रुटि या अज्ञात कारण से ये महिलाएं योजना के लाभ से वंचित हो गई हैं। सतना और सिंगरौली जिलों से ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां पहले से सत्यापित महिलाओं की आईडी डिलीट कर दी गई है।
- उम्र सीमा की शर्त (60 वर्ष से अधिक):लाड़ली बहना योजना की पात्रता के नियमों के अनुसार, 60 साल से ऊपर की महिलाएं अपात्र मानी जाती हैं। जनवरी 2025 में बड़ी संख्या में महिलाएं इस उम्र सीमा के कारण अपात्र सूची में शामिल हुई थीं। अक्टूबर माह में भी जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक हो चुकी है, उन्हें 29वीं किस्त का लाभ नहीं मिलेगा।
- अनजान कारणों से राशि रोकना:
योजना के आंकड़ों में एक बड़ा अंतर देखा गया है। जून 2023 तक प्रदेश की 2,76,439 महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा था। जुलाई में यह संख्या घटकर 2,75,178 हो गई और अगस्त में 1,390 महिलाओं को राशि प्राप्त नहीं हुई। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी भी इस अंतर के पीछे के कारणों का स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहे हैं, जिससे कई पात्र महिलाओं को बिना किसी ज्ञात कारण के राशि नहीं मिल पा रही है।
इस तरह, अक्टूबर में कई महिलाएं योजना की 29वीं किस्त से वंचित रह जाएंगी, जबकि शेष पात्र महिलाओं को ₹1500 की बढ़ी हुई राशि उनके खाते में मिलेगी। सरकार को इन कारणों की तत्काल जांच कर उन महिलाओं की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, जिनकी आईडी बेवजह डिलीट की गई है या जिन्हें बिना किसी स्पष्टीकरण के लाभ से वंचित किया गया है।








