होम देश/विदेश मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ उत्तरप्रदेश जॉब/वेकैंसी एंटरटेनमेंट खेल लाइफस्टाइल टेक/गैजेट फैशन धर्म
गूगल न्यूज़ में हमारे साथ जुड़ें

ग्वालियर में डिजिटल अरेस्ट का महा-फ्रॉड: रिटायर्ड अफसर को 48 दिन घर में रखा कैद; ‘PM मोदी का आदेश है’ कहकर लूटे 1.12 करोड़ रुपए

ग्वालियर (मध्य प्रदेश):ग्वालियर के ओल्ड खेड़ापति कॉलोनी निवासी 75 वर्षीय बिहारीलाल गुप्ता (रिटायर्ड सब रजिस्ट्रार) के साथ एक करोड़ 12 लाख रुपए ...

विज्ञापन

Published on:

| सतना टाइम्स

ग्वालियर (मध्य प्रदेश):ग्वालियर के ओल्ड खेड़ापति कॉलोनी निवासी 75 वर्षीय बिहारीलाल गुप्ता (रिटायर्ड सब रजिस्ट्रार) के साथ एक करोड़ 12 लाख रुपए की साइबर ठगी हुई है। ठगों ने खुद को आईपीएस अधिकारी और सीबीआई एजेंट बताकर उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे केस में फंसाया और करीब डेढ़ महीने तक फोन के जरिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ रखा।

16 नवंबर से शुरू हुआ ठगी का मायाजाल

ठगी की शुरुआत 16 नवंबर 2025 को हुई, जब पीड़ित के पास एक कॉल आया:

  1. TRAI अधिकारी का ढोंग: ठग रोहित शर्मा ने कहा कि दिल्ली पुलिस के आदेश पर आपका आधार और मोबाइल नंबर बंद किया जा रहा है क्योंकि आपके खिलाफ अरेस्ट वारंट है।

  2. वर्दीधारी ठग ‘नीरज ठाकुर’: थोड़ी देर बाद व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल आया। सामने पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति था, जिसने खुद को IPS नीरज ठाकुर बताया। उसने दावा किया कि एक अपराधी ने कबूल किया है कि मनी लॉन्ड्रिंग में बिहारीलाल का हाथ है।

‘PM का आदेश’ और सीक्रेसी का डर

बुजुर्ग को पूरी तरह डराने के लिए ठगों ने देश की सर्वोच्च संस्थाओं के नाम का सहारा लिया:

चार खातों में ट्रांसफर करवाए 1.12 करोड़

ठगों ने बुजुर्ग को विश्वास दिलाया कि उनकी संपत्ति की जांच RBI द्वारा की जानी है। जांच के नाम पर:

वीडियो देखकर खुला राज, अब जांच जारी

पैसे हड़पने के बाद ठगों ने अपने नंबर बंद कर लिए। कुछ दिन बाद जब बिहारीलाल ने सोशल मीडिया पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ से जुड़े जागरूकता वीडियो देखे, तब उन्हें अहसास हुआ कि वे लुट चुके हैं।

  • पुलिस कार्रवाई: ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस उन चार बैंक खातों की जांच कर रही है जिनमें पैसा भेजा गया था।


डिजिटल अरेस्ट से बचने के लिए सावधानियां:

  • कोई भी एजेंसी फोन पर अरेस्ट नहीं करती: पुलिस, CBI, RBI या TRAI कभी भी वीडियो कॉल पर पूछताछ या ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करते।

  • पैसे की मांग: सरकारी एजेंसियां जांच के नाम पर कभी भी किसी निजी खाते में पैसे ट्रांसफर नहीं करवातीं।

  • डरे नहीं: यदि कोई डराए, तो तुरंत फोन काटें और नजदीकी पुलिस स्टेशन या 1930 पर कॉल करें।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें

×

Latest News

Web Stories

Satna News

Instagram

Home

Latest News

Web Stories

Satna News

Instagram