GST Rate Cut : जीएसटी (GST) दरों में कटौती लागू हुए एक हफ्ता हो चुका है, लेकिन उपभोक्ताओं तक इसका लाभ सही तरीके से नहीं पहुंच रहा। नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर अब तक 3500 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। शिकायतों में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी फूड और रिटेल सेक्टर की है। वहीं, ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ भी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने शिकायतें की हैं।

रोजाना 400 से ज्यादा शिकायतें
CNBC-आवाज़ के संवाददाता असीम मनचंदा के मुताबिक, रोजाना 400 से अधिक शिकायतें मिल रही हैं। इनमें से कई उपभोक्ता नई GST दरों की जानकारी लेने के लिए भी कॉल कर रहे हैं। शिकायतें सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, मध्यप्रदेश और राजस्थान से आ रही हैं।
CBIC को भेजी जा रही शिकायतें
सभी शिकायतों को केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) को भेजा जा रहा है। उपभोक्ता को उनकी शिकायत का यूनिक नंबर भी उपलब्ध कराया जाता है, ताकि वे आगे उसकी स्थिति जान सकें। सरकार ने साफ कहा है कि अगर GST कट का फायदा नहीं मिल रहा है तो उपभोक्ता सीधे शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 1915 और व्हाट्सएप नंबर 8800001915 जारी किए गए हैं।
ई-कॉमर्स कंपनियों पर सरकार सख्त
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने ई-कॉमर्स ऑपरेटर्स (ECOs) पर निगरानी और सख्ती बढ़ा दी है। कई कंपनियों ने अभी तक अपनी वेबसाइट्स और ऐप्स पर उत्पादों की कीमतों में कटौती नहीं की है। FMCG और पैकेज्ड फूड सेक्टर से सबसे ज्यादा शिकायतें सामने आई हैं।सरकार ने ECOs को चेतावनी दी है कि GST दरों में कमी का फायदा उपभोक्ताओं तक तुरंत पहुंचाना होगा। 22 सितंबर से पहले और बाद की कीमतों की मॉनिटरिंग लगातार की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि अगर कंपनियां नियमों का पालन नहीं करतीं, तो उन पर कार्रवाई की जा सकती है।
उपभोक्ताओं के लिए राहत का रास्ता
सरकार का कहना है कि वह उपभोक्ताओं को उनका हक दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अगर कोई व्यापारी या ई-कॉमर्स कंपनी GST दर कटौती का फायदा ग्राहकों तक नहीं पहुंचाती, तो उस पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।







