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CYBER CRIME: बाराबंकी में VIP नंबरों का ‘ब्लैक मार्केट’; BSNL के सिस्टम में सेंध लगाकर 2 लाख में बेचते थे एक सिम, 2 गिरफ्तार

बाराबंकी। पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो फर्जी तरीके से वीआईपी मोबाइल नंबरों की ई-सिम (e-SIM) तैयार कर ...

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| सतना टाइम्स

बाराबंकी। पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो फर्जी तरीके से वीआईपी मोबाइल नंबरों की ई-सिम (e-SIM) तैयार कर उनकी बोली लगवाता था। यह गिरोह अब तक 100 से अधिक लोगों को अपना शिकार बना चुका है।

10 हजार से 2 लाख तक की बोली

अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) रितेश कुमार सिंह के अनुसार, ये जालसाज बेहद शातिर तरीके से काम करते थे:

  • सोशल मीडिया पर विज्ञापन: फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर आकर्षक और ‘ईजी टू रिमेंबर’ वीआईपी नंबरों की लिस्ट डाली जाती थी।

  • बोली का खेल: ग्राहकों की मांग के अनुसार नंबर की कीमत तय होती थी। जो नंबर जितना खास, उसकी कीमत उतनी ज्यादा। एक-एक सिम कार्ड 10,000 रुपये से लेकर 2,00,000 रुपये तक में बेचा गया।

 कैसे लगाया BSNL के सिस्टम को चूना?

पुलिस की जांच में सामने आया है कि इन साइबर अपराधियों ने सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL के अधिकारियों के लॉगिन आईडी और पासवर्ड चोरी कर लिए थे।

  • ई-सिम स्वैपिंग: लॉगिन एक्सेस मिलने के बाद ये अपराधी कूटरचित तरीके से वीआईपी नंबरों की पहचान करते और उनकी ‘ई-सिम स्वैपिंग’ कर देते थे।

  • फर्जी ई-सिम: मूल नंबर को ब्लॉक कर ये नए सिरे से ई-सिम जारी कर देते थे और उसे ऊंचे दामों पर बेच देते थे। अब तक कुल 101 वीआईपी नंबरों की अवैध बिक्री का पता चला है।

लखनऊ और सीतापुर के आरोपी गिरफ्तार

एसपी अर्पित विजयवर्गीय के निर्देश पर साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बुधवार को दो मुख्य आरोपियों को दबोचा:

  1. राकेश पाल: निवासी हरदोई (हाल पता लखनऊ)।

  2. शुभम शुक्ला: निवासी सीतापुर।

जांच के घेरे में BSNL कर्मचारी?

पुलिस अब इस पहलू की गहराई से जांच कर रही है कि बाहरी लड़कों के पास बीएसएनएल के अधिकारियों के गोपनीय लॉगिन और पासवर्ड कैसे पहुँचे। पुलिस को शक है कि विभाग के भीतर से भी किसी ने इनकी मदद की होगी। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।

मामला: एक नज़र में 

  1. गिरोह का काम: वीआईपी नंबरों की अवैध स्वैपिंग और बिक्री।

  2. मोडस ऑपरेंडी: BSNL पोर्टल हैक कर ई-सिम तैयार करना।

  3. कीमत: ₹10,000 से ₹2,00,000 प्रति सिम।

  4. पुलिस कार्रवाई: 2 आरोपी गिरफ्तार, 101 सिम कार्ड का रिकॉर्ड बरामद।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें