भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का रवींद्र भवन बुधवार को ‘नारी शक्ति’ के जयघोष से गूंज उठा। ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि 16 अप्रैल का दिन महिला सशक्तिकरण के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज होगा। सीएम ने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के लागू होने की खुशी में पूरा देश एक साथ होली और दिवाली जैसा उत्सव मनाएगा। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की मेधावी छात्राओं को सम्मानित कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद भी दिया।

न्यूज़ हेडलाइंस
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ऐतिहासिक उत्सव: 16 अप्रैल को महिला सशक्तिकरण के उपलक्ष्य में एक साथ मनेगी होली-दिवाली।
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आरक्षण से सशक्तिकरण: लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण से बदलेगी देश की तस्वीर।
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MP का मॉडल: नगरीय निकायों में 50% आरक्षण देकर मध्य प्रदेश पहले ही बना ‘रोल मॉडल’।
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मेधावियों का सम्मान: 10वीं और 12वीं बोर्ड की टॉपर छात्राओं को मुख्यमंत्री ने किया पुरस्कृत।
“मोदी है तो मुमकिन है”: प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना
मुख्यमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरगामी सोच का परिणाम बताया।
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लंबित सपना हुआ पूरा: दशकों से लंबित महिला आरक्षण बिल को कानून बनाकर पीएम ने बहनों को उनका हक दिलाया है।
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कुप्रथाओं पर प्रहार: सीएम बोले, “तीन तलाक जैसी कुप्रथाओं को खत्म कर प्रधानमंत्री ने मुस्लिम बहनों को सम्मान के साथ जीने का अधिकार दिया है।”
वीरांगनाओं की धरती को नमन
संबोधन के दौरान डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश के गौरवशाली इतिहास को याद किया। उन्होंने रानी दुर्गावती, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर, राजमाता विजयाराजे सिंधिया और स्व. सुषमा स्वराज के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रदेश हमेशा से सशक्त महिलाओं का नेतृत्वकर्ता रहा है।
शिक्षा और राजनीति में महिलाओं का बढ़ता कदम
सम्मेलन में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया और राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि अब देश की नीति निर्धारण में महिलाओं की 33% हिस्सेदारी सुनिश्चित होने से लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा। सीएम ने इस दौरान हाल ही में घोषित बोर्ड परीक्षा परिणामों में टॉप करने वाली बेटियों की सराहना करते हुए कहा कि बेटियाँ अब हर क्षेत्र में नंबर-1 हैं।
खबर का सारांश
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आयोजन: नारी शक्ति वंदन सम्मेलन, रवींद्र भवन, भोपाल।
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मुख्य अतिथि: डॉ. मोहन यादव (मुख्यमंत्री, MP)।
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विशेष तिथि: 16 अप्रैल (महिला सशक्तिकरण का गौरव दिवस)।
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बड़ी बात: विधानसभा और लोकसभा में 33% आरक्षण की उपलब्धि का जश्न।








