भोपाल। राजधानी के जहांगीराबाद इलाके में सोमवार का दिन किसी आम दिन जैसा नहीं था। शराब की दुकानों के बाहर मची आपाधापी ने यातायात व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। लोग ब्रांडेड शराब पर मिल रहे ‘बाय वन गेट वन’ (BOGO) और 50% तक के भारी डिस्काउंट को पाने के लिए इस कदर टूट पड़े कि उन्हें देखकर एक राहगीर ने तंज कसा— “ऐसा लग रहा है जैसे यहां अमृत बंट रहा हो!”

क्यों मची है ‘शराब की लूट’?
होली का त्योहार आने वाला है और वित्तीय वर्ष (Financial Year) का अंत भी करीब है। इसका सीधा असर शराब बाजार पर दिख रहा है:
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भारी डिस्काउंट: शराब ठेकेदारों ने अपना पुराना स्टॉक क्लियर करने और होली पर बिक्री बढ़ाने के लिए ब्रांडेड शराब पर 50% तक की छूट दी है।
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गणित: यह डिस्काउंट मुख्य रूप से ‘पूरी बोतल’ (Full Bottle) पर है, इसलिए शौकीन एक के साथ एक बोतल फ्री मिलने के लालच में स्टॉक जमा करने पहुंच रहे हैं।
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पव्वे और अद्धे का गणित: दिलचस्प बात यह है कि यह ऑफर छोटे पैक (पव्वे/अद्धे) पर नहीं है, जिससे शौकीन मजबूरन ज्यादा खर्च करके पूरी बोतलें खरीद रहे हैं।
सड़कों का हाल: ‘जाम से बुरा हाल’
इस भारी भीड़ ने जहांगीराबाद की मुख्य सड़क को ‘पार्किंग लॉट’ में बदल दिया:
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घंटों का जाम: संकरी सड़कें शराब प्रेमियों की गाड़ियों से भर गईं, जिससे दफ्तर से घर लौट रहे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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पुलिस की मशक्कत: हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को स्थिति संभालने और ट्रैफिक क्लियर कराने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
जानकारों की राय: स्टॉक क्लियरेंस की होड़
एक्सपर्ट्स का मानना है कि मार्च का महीना शराब ठेकेदारों के लिए ‘स्टॉक क्लियरेंस’ का समय होता है। वे चाहते हैं कि वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले उनका पूरा स्टॉक बिक जाए। इसी ‘डेडलाइन’ का फायदा उठा रहे लोग त्योहार के बहाने शराब का भारी स्टॉक जमा कर रहे हैं।
प्रमुख बिंदु
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डिस्काउंट: चुनिंदा पॉपुलर ब्रांड्स पर ‘बाय वन गेट वन’ (BOGO) ऑफर।
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कारण: वित्तीय वर्ष का अंत और होली के चलते स्टॉक क्लियरेंस।
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असर: जहांगीराबाद की मुख्य सड़क पर घंटों यातायात बाधित रहा।
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विवाद: राहगीर और दफ्तर से लौटने वाले लोग भारी भीड़ से परेशान।








