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सतना: लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई; ₹1200 की रिश्वत लेते रंगे हाथों धरा गया जन शिक्षक, क्रमोन्नति सुधारने के नाम पर मांगी थी रकम

सतना/रीवा। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए रीवा लोकायुक्त संभाग ने मंगलवार को सतना जिले के सज्जनपुर में एक ...

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| सतना टाइम्स

सतना/रीवा। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए रीवा लोकायुक्त संभाग ने मंगलवार को सतना जिले के सज्जनपुर में एक सफल ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सज्जनपुर में पदस्थ जन शिक्षक महेंद्र पांडे को ₹1200 की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी शिक्षक एक अन्य कर्मचारी के रुके हुए सरकारी काम को आगे बढ़ाने के बदले पैसों की मांग कर रहा था।

न्यूज़ हेडलाइंस 

  • रंगे हाथों गिरफ्तारी: लोकायुक्त टीम ने सज्जनपुर स्कूल परिसर में ही बिछाया जाल; ₹1500 की मांग पर ₹1200 लेते पकड़ा गया आरोपी।

  • काम के बदले ‘कमीशन’: क्रमोन्नति (Promotion/Increment) प्रकरण में ट्रेजरी की आपत्ति सुधारने के एवज में मांगी थी रिश्वत।

  • सटीक योजना: लोकायुक्त एसपी के निर्देश पर शिकायत के सत्यापन के बाद की गई त्वरित कार्रवाई।

  • भ्रष्टाचार पर प्रहार: महानिदेशक योगेश देशमुख और डीआईजी मनोज सिंह के मार्गदर्शन में हुई यह बड़ी कार्रवाई।


कैसे शुरू हुआ ‘रिश्वत’ का खेल?

यह पूरा मामला सतना निवासी मनोज प्रताप सिंह की शिकायत से शुरू हुआ।

  1. शिकायत की वजह: मनोज प्रताप सिंह का क्रमोन्नति का मामला ट्रेजरी (खजाने) द्वारा आपत्ति लगाकर वापस कर दिया गया था।

  2. सौदेबाजी: जन शिक्षक महेंद्र पांडे ने इस आपत्ति को सुधारकर फाइल को दोबारा आगे भेजने के बदले ₹1500 की मांग की थी।

  3. लोकायुक्त में दस्तक: रिश्वत मांगे जाने से परेशान होकर मनोज ने 25 मार्च को रीवा लोकायुक्त कार्यालय में एसपी से शिकायत कर दी।

सत्यापन और फिर ‘ट्रैप’

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए इसका सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा ₹1200 लेने की बात पुख्ता हो गई। इसके बाद मंगलवार को विशेष टीम गठित की गई।

  • कार्रवाई का मंजर: जैसे ही मनोज प्रताप सिंह ने सज्जनपुर स्कूल परिसर में आरोपी महेंद्र पांडे को रिश्वत के ₹1200 थमाए, पहले से घात लगाकर बैठी लोकायुक्त टीम ने उसे धर दबोचा।

  • रसायनिक जांच: पकड़े जाने के बाद जब आरोपी के हाथ धुलवाए गए, तो वे गुलाबी हो गए, जो रिश्वत लेने का वैज्ञानिक प्रमाण है।


प्रशासनिक रुख

लोकायुक्त टीम ने आरोपी जन शिक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। विभाग अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या आरोपी पहले भी अन्य कर्मचारियों से इसी तरह की वसूली करता रहा है।


खबर का असर

विंध्य क्षेत्र के सबसे बड़े स्कूलों में शुमार सज्जनपुर स्कूल में हुई इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। दिनदहाड़े हुई इस गिरफ्तारी ने उन भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त संदेश दिया है जो छोटे-छोटे कामों के लिए आम जनता और अपने ही सहयोगियों को परेशान करते हैं।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें