भोपाल |मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार रात 12 बजे से एग्रीगेटर कंपनियों (ओला, उबर) के खिलाफ टैक्सी चालक संघ की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। भोपाल रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और एयरपोर्ट पर पहुंचे यात्रियों को ऑनलाइन कैब उपलब्ध न होने के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए ऑटो चालकों द्वारा यात्रियों से डेढ़ से दो गुना तक मनमाना किराया वसूलने की शिकायतें सामने आई हैं।
मुख्य बातें:
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ऑनलाइन कैब सेवाएं ठप: ओला और उबर जैसी ऑनलाइन कैब सेवाओं का संचालन बंद रहने से मरीज, महिलाएं और दूर-दराज से आए यात्री घंटों परेशान रहे।
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ऑटो चालकों की ओवरचार्जिंग: रेलवे स्टेशन से टीटी नगर, लालघाटी और पिपलानी जैसे इलाकों के लिए तय किराए से 150% से 200% तक अधिक किराया मांगा गया।
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स्टेशन पर रोकी गईं कैब: बुकिंग लेकर पहुंचे कुछ कैब चालकों को संघ के कार्यकर्ताओं ने रोका और यात्रियों से किराया तक नहीं लेने दिया।
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19 अगस्त को बड़ा प्रदर्शन: संयुक्त मोर्चे ने 19 अगस्त को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरना-प्रदर्शन करने और मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री को ज्ञापन सौंपने की घोषणा की है।
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RTO की सख्त चेतावनी: आरटीओ जितेंद्र शर्मा ने ओवरचार्जिंग की शिकायतों पर तुरंत दंडात्मक कार्रवाई करने की बात कही है।
टैक्सी चालकों की मुख्य मांगें
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स्थायी किराया निर्धारण: सरकार द्वारा ₹22 से ₹30 प्रति किलोमीटर किराया, ₹1 से ₹2 प्रति मिनट टाइम चार्ज और बेस फेयर तय किया जाए।
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प्राइवेट वाहनों के कमर्शियल इस्तेमाल पर रोक: निजी नंबर वाली कार, बाइक और ई-रिक्शा का एग्रीगेटर ऐप्स पर व्यावसायिक उपयोग बंद हो।
मांगें न मानने पर अनिश्चितकालीन बंद की चेतावनी
टैक्सी चालक संघ के अनुसार, ईंधन, इंश्योरेंस और मेंटेनेंस का खर्च लगातार बढ़ रहा है जबकि एग्रीगेटर कंपनियां किराए में कटौती कर रही हैं। जून में हुए एयरपोर्ट राइड बहिष्कार के बाद भी स्थायी समाधान न निकलने पर यह कदम उठाया गया है। मांगों का निराकरण न होने पर आंदोलन को अनिश्चितकालीन करने की चेतावनी दी गई है।