भोपाल। मध्य प्रदेश में इस साल गर्मी ने समय से पहले ही अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की कमी और राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवाओं के चलते मालवा, निमाड़ और बुंदेलखंड के जिलों में सूरज आग उगल रहा है। मंगलवार को धार प्रदेश में सबसे गर्म रहा, जहाँ पारा 39 डिग्री तक पहुँच गया।
रेगिस्तानी हवाओं ने बढ़ाई तपिश
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, राजस्थान के रेतीले इलाकों से आने वाली हवाएं बिना किसी रुकावट के मध्य प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं।
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असर: ग्वालियर-चंबल संभाग के सीमावर्ती जिलों में तापमान सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस तक अधिक बना हुआ है।
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हॉटस्पॉट्स: धार, रतलाम, नर्मदापुरम और सागर जैसे जिलों में सुबह 11 बजे के बाद लू जैसे हालात महसूस होने लगे हैं।
देश के सबसे गर्म शहरों का हाल (अधिकतम तापमान)
| शहर | तापमान |
| धार | 39.0°C |
| सागर | 38.9°C |
| नर्मदापुरम | 38.8°C |
| रतलाम | 38.8°C |
| भैरूंदा (सीहोर) | 38.8°C |
राजधानी भोपाल का पूर्वानुमान
भोपाल में मार्च के महीने में हर हफ्ते तापमान में 1 से 1.5°C की बढ़ोतरी दर्ज की जाती है।
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दिन का हाल: अधिकतम तापमान 37–39°C के बीच रहने का अनुमान है।
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रात का हाल: न्यूनतम तापमान 20–22°C के आसपास रहेगा, जिससे रातें भी अब गर्म होने लगी हैं।
4 मार्च के बाद क्या बदलेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) 14 मार्च के बाद सक्रिय हो सकता है।
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राहत: इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव एमपी में दिखेगा, जिससे बढ़ते तापमान पर कुछ दिनों के लिए ब्रेक लग सकता है।
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बादल और आंधी: 15-16 मार्च के आसपास कुछ इलाकों में हल्के बादल छाने और धूल भरी आंधी चलने की संभावना है, जिससे झुलसाने वाली गर्मी से मामूली राहत मिल सकती है।
सावधान: ‘हीट बिल्ड-अप’ की स्थिति
विशेषज्ञों का कहना है कि यह ‘अर्ली समर’ की स्थिति स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है। खासकर पश्चिमी एमपी में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। खंडवा, खरगोन, बड़वानी और राजगढ़ जैसे जिलों में पारा जल्द ही 41°C को छू सकता है।
प्रमुख सुझाव
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हाइड्रेशन: दिन भर भरपूर पानी और तरल पदार्थों (नींबू पानी, छाछ) का सेवन करें।
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कपड़े: बाहर निकलते समय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर को ढककर रखें।
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समय: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सीधे धूप के संपर्क में आने से बचें।








