भोपाल (मध्य प्रदेश):वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि वे तीसरी बार राज्यसभा में नहीं जाएंगे। उनका वर्तमान कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है। उन्होंने अपनी सीट खाली करने की घोषणा के साथ ही यह भी साफ किया है कि अब उनका पूरा ध्यान दिल्ली के बजाय मध्य प्रदेश की राजनीति पर केंद्रित रहेगा।
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क्या है दिग्विजय सिंह का ‘नया मिशन’?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि दिग्विजय सिंह ने ‘मिशन 2028’ (अगला विधानसभा चुनाव) के लिए एक विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार किया है:
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पदयात्रा और जनसंपर्क: दिग्विजय सिंह अब बड़ी रैलियों के बजाय छोटी सभाओं और पदयात्राओं के जरिए सीधे मतदाताओं से जुड़ेंगे।
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संगठनात्मक मजबूती: सूत्रों के अनुसार, उन्होंने हाल ही में दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान को एक ‘प्रजेंटेशन’ दिया है, जिसमें बताया गया है कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता में वापसी कैसे संभव है।
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2028 की तैयारी: विधानसभा चुनाव में अभी लगभग दो साल से अधिक का समय है, लेकिन दिग्विजय सिंह ने अभी से जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का अभियान शुरू कर दिया है।
मध्य प्रदेश की 3 राज्यसभा सीटें होंगी खाली
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटें इसी साल (2026) खाली हो रही हैं:
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दिग्विजय सिंह (कांग्रेस): कार्यकाल समाप्त – 9 अप्रैल 2026।
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सुमेर सिंह सोलंकी (BJP): कार्यकाल समाप्त – 9 अप्रैल 2026।
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जॉर्ज कुरियन (BJP): कार्यकाल समाप्त – जून 2026।
कांग्रेस में दावेदारों की दौड़ शुरू
दिग्विजय सिंह के हटने के बाद कांग्रेस की इस एक सुरक्षित सीट के लिए पार्टी में मंथन शुरू हो गया है। चर्चा में प्रमुख नाम हैं:
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जीतू पटवारी: प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।
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अरुण यादव: ओबीसी चेहरे के रूप में वे एक बड़े विकल्प हैं।
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कमलनाथ: हालांकि वे राज्य की राजनीति में सक्रिय रहना चाहते हैं, लेकिन राज्यसभा के लिए उनके नाम की अटकलें हमेशा बनी रहती हैं।
दिग्विजय सिंह का राजनीतिक सफरनामा (संक्षेप में):
| पद | कार्यकाल |
| मुख्यमंत्री (MP) | 1993 – 2003 (दो कार्यकाल) |
| राज्यसभा सांसद | 2014 – 2026 |
| लोकसभा सांसद | राजगढ़ सीट (अतीत में) |








