खंडवा (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में सट्टेबाजी का एक बेहद शातिर और खतरनाक गिरोह पकड़ा गया है। ये सटोरिये आम अपराधियों से अलग थे, जो राह चलते लोगों को किसी भी छोटी-बड़ी बात पर दांव लगाने के लिए उकसाते थे। कोतवाली पुलिस ने सोमवार रात इन 5 सटोरियों को गिरफ्तार कर पूरे शहर में उनका पैदल जुलूस निकाला।
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किन बातों पर लगता था सट्टा? (अजीबोगरीब विषय)
पकड़े गए आरोपियों के पास से जो जानकारी सामने आई है, वह हैरान करने वाली है। ये लोग मोबाइल और डायरी के अलावा मानसिक अनुमानों पर सट्टा खिलाते थे:
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सामाजिक गतिविधियां: राह चलते किसी भी विवाद या घटना के परिणाम पर भी ये लोग सट्टा लगा लेते थे।
पुलिस का सख्त एक्शन: शहर में निकाला पैदल जुलूस
बीते कई महीनों से ये सटोरिये पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए थे। इनके कारण न केवल क्षेत्र का माहौल बिगड़ रहा था, बल्कि कई बार सांप्रदायिक तनाव और मारपीट की नौबत भी आई।
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सरेराह जुलूस: कोतवाली पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के बाद घासपुरा इलाके तक उनका पैदल जुलूस निकाला।
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नारेबाजी: पुलिस ने आरोपियों से सार्वजनिक रूप से नारे लगवाए ताकि समाज में सट्टेबाजी के खिलाफ एक कड़ा संदेश जाए। इस दौरान CSP अभिनव वारंगे और थाना प्रभारी प्रवीण आर्य भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
बच्चों और युवाओं पर पड़ रहा था बुरा असर
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, ये सटोरिये भीड़-भाड़ वाले इलाकों में खड़े होकर सट्टा खिलाते थे।
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नकारात्मक प्रभाव: इन्हें देखकर स्कूल जाने वाले बच्चे और युवा भी आकर्षित हो रहे थे, जो आने वाली पीढ़ी के लिए बेहद घातक साबित हो रहा था।
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कानून-व्यवस्था: पैसों के लेनदेन को लेकर आए दिन होने वाले विवादों से पुलिस प्रशासन पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ था।
पुलिस की चेतावनी
खंडवा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सट्टेबाजी जैसी सामाजिक बुराई को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जुलूस निकालने का उद्देश्य अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करना और जनता को जागरूक करना था।








