भोपाल मध्य प्रदेश के लाखों मकान और प्लॉट मालिकों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक ऐतिहासिक और राहत भरी सौगात दी है। प्रदेश के जिन नागरिकों के पास अपनी संपत्ति के पट्टे तो मौजूद हैं, लेकिन अब तक उनकी पक्की रजिस्ट्री (Sale Deed) नहीं हो पाई है, उनकी संपत्ति की पक्की रजिस्ट्री का पूरा खर्च अब राज्य सरकार उठाएगी। रजिस्ट्री के दौरान लगने वाला स्टांप शुल्क और अन्य शुल्क भी सरकार द्वारा ही वहन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में ‘मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना’ की प्रगति की समीक्षा के दौरान यह बड़ा ऐलान किया है।
अब मिलेगा पुख्ता मालिकाना हक, बैंक लोन मिलने में होगी आसानी
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस योजना के दूरगामी फायदों पर प्रकाश डाला:
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संपत्ति का पूर्ण अधिकार: मकान या प्लॉट के पुख्ता राजस्व दस्तावेज और पक्की रजिस्ट्री होने से भू-स्वामी को उसकी संपत्ति के क्रय-विक्रय (खरीद-फरोख्त) का कानूनी अधिकार मिल जाएगा।
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आसानी से मिलेगा बैंक ऋण: पक्की रजिस्ट्री होने के बाद नागरिक अपनी संपत्ति के आधार पर बैंकों से आसानी से लोन (ऋण) प्राप्त करने के लिए पात्र हो जाएंगे, जिससे वे आर्थिक रूप से अधिक मजबूत बन सकेंगे।
धनतेरस (6 नवंबर) को गांव-गांव पहुंचेंगे मंत्री, सांसद और विधायक
योजना को जन-आंदोलन का रूप देने और तेजी से अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार ने एक विशेष अभियान की रूपरेखा तैयार की है:
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जनप्रतिनिधियों की सहभागिता: आगामी 6 नवंबर को धनतेरस के पावन अवसर पर प्रदेश के सभी मंत्री, सांसद और विधायक अपने पैतृक गांव या निर्धारित गांवों में पहुंचेंगे।
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सामने होगी शत-प्रतिशत रजिस्ट्री: जनप्रतिनिधि स्वयं अपनी उपस्थिति में मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत पात्र हितग्राहियों की शत-प्रतिशत रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करवाएंगे। इसके बाद स्थानीय स्तर पर उत्सव जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
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कलेक्टर्स को निर्देश: मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे प्रभारी मंत्रियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर गांवों में इस अभियान को सफल बनाएं।
अब तक 12.87 लाख रजिस्ट्रियां पूरी, 15 नवंबर तक 20 लाख का लक्ष्य
बैठक में राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. ई. रमेश कुमार ने जानकारी दी कि इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत 1 नवंबर 2026 तक प्रदेशभर में 12,87,252 रजिस्ट्रियां सफलताપूर्वक पूरी की जा चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य है कि 15 नवंबर तक इस आंकड़े को बढ़ाकर 20 लाख तक पहुंचाया जाए।
सरकार इस योजना को घर-घर तक पहुंचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान भी चला रही है, ताकि कोई भी पात्र भू-स्वामी इस लाभ से वंचित न रह सके।