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काशी-उज्जैन का महासंगम: सीएम मोहन यादव ने योगी आदित्यनाथ को सौंपी ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’; अब बाबा विश्वनाथ की नगरी में भी होगी ‘काल की अचूक गणना’

वाराणसी/भोपाल। धर्म नगरी काशी के बीएलडब्ल्यू (BLW) मैदान में शुक्रवार को तीन-दिवसीय महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर ...

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| सतना टाइम्स

वाराणसी/भोपाल। धर्म नगरी काशी के बीएलडब्ल्यू (BLW) मैदान में शुक्रवार को तीन-दिवसीय महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उज्जैन की सुप्रसिद्ध ‘वैदिक घड़ी’ भेंट की। यह घड़ी न केवल सटीक समय बताएगी, बल्कि भारतीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त, ग्रहों की स्थिति और वैदिक काल गणना को भी आधुनिक तकनीक के साथ प्रदर्शित करेगी।

न्यूज़ हेडलाइंस 

  • सांस्कृतिक जुड़ाव: महाकाल की धरा (उज्जैन) और विश्वनाथ की धरा (काशी) के बीच सांस्कृतिक सेतु बनी ‘वैदिक घड़ी’।

  • ऐतिहासिक मंचन: 2000 साल पुराने सम्राट विक्रमादित्य के गौरवशाली इतिहास को महानाट्य के जरिए किया गया जीवंत।

  • तीन भाइयों की जोड़ी: सीएम मोहन यादव ने श्रीराम-लक्ष्मण, कृष्ण-बलराम के साथ ‘भर्तृहरि और विक्रमादित्य’ की जोड़ी को बताया आदर्श।

  • विकास की लहर: केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पर दोनों राज्यों के आपसी सहयोग की सराहना।


महानाट्य में जीवंत हुआ ‘विक्रमादित्य’ का पराक्रम

वाराणसी के बीएलडब्ल्यू मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की भीड़ उमड़ी।

  1. भव्य दृश्य: मंच पर हाथी-घोड़ों के साथ सम्राट विक्रमादित्य के शौर्य, साहस और सुशासन के दृश्यों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

  2. सांस्कृतिक एकता: यह आयोजन मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ अभियान के तहत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन: “काल की गति पहचानना जरूरी”

योगी आदित्यनाथ ने डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा:

“यह केवल नाटक नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपने मूल्यों से जोड़ने का अभियान है। उज्जैन काल गणना की धरती है और बनारस पंचांग की धरती। इन दोनों का समावेश भारतीय काल गणना को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाएगा। जो काल की अवमानना करता है, उसे महाकाल अपना शिकार बना लेते हैं।”


वैदिक घड़ी की विशेषताएँ (Specialties):

  • अचूक गणना: प्राचीन वैदिक परंपरा और आधुनिक विज्ञान का अद्भुत मिश्रण।

  • पंचांग आधारित: यह घड़ी केवल घंटे-मिनट नहीं, बल्कि भारतीय काल गणना के सूक्ष्म पहलुओं (जैसे मुहूर्त, नक्षत्र आदि) को भी दर्शाती है।

  • विश्वनाथ मंदिर में स्थापना: यह घड़ी काशी के आध्यात्मिक माहौल में काल गणना को पुनर्स्थापित करने में सहायक होगी।

डबल इंजन सरकार का संकल्प

सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की राजनीतिक और सांस्कृतिक धारा बदल रही है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश न केवल सांस्कृतिक रूप से, बल्कि ‘केन-बेतवा नदी जोड़ो’ जैसी बड़ी विकास योजनाओं के माध्यम से भी एक-दूसरे के पूरक बन रहे हैं।


खबर का सारांश 

  • कार्यक्रम: महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’।

  • मुख्य अतिथि: सीएम योगी आदित्यनाथ और सीएम डॉ. मोहन यादव।

  • उपहार: विक्रमादित्य वैदिक घड़ी (उज्जैन की विशेष भेंट)।

  • स्थान: वाराणसी, उत्तर प्रदेश।

प्रांशु विश्वकर्मा, ग्राफिक डिजाइनर, वीडियो एडिटर और कंटेंट राइटर है।जो बिजनेश और नौकरी राजनीति जैसे तमाम खबरे लिखते है।... और पढ़ें